
Lucknow News: लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद महिला के परिजनों ने अंगदान का फैसला किया। इसके बाद ब्रेन डेड महिला के अंगों ने तीन लोगों के जीवन को नई दिशा दी। लखनऊ के अपोलोमेडिक्स अस्पताल में ब्रेन डेड 43 वर्षीय महिला रेखा की किडनी दो लोगों को जीवन की नई दिशा देगी। महिला के घरवालों ने किडनी और लिवर दान करने का फैसला लिया। इस फैसले ने तीन लोगों को नई जिंदगी दी। इसके बाद अपोलो अस्पताल के चिकित्सकों ने पीजीआई के चिकित्सकों से संपर्क कर एक किडनी पीजीआई भेजी। वहीं, एक किडनी और लिवर अपने संस्थान में ही दो मरीजों को प्रत्यारोपित किया।
महिला का ब्रेन डेड होने के बाद परिवार ने अंगदान का किया फैसला
अपोलो अस्पताल की ओर से जारी बयान में बताया गया कि नौ मई को 43 वर्षीय महिला को बेहोशी की हालत में अपोलोमेडिक्स अस्पताल के आइसीयू में भर्ती किया गया। हालत बिगड़ने के बाद 11 मई को देर रात 12:01 बजे उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। परिवार ने हिम्मत दिखाते हुए अंगदान करने का निर्णय लिया।
इसके बाद स्टेट आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन समिति (एसओटीटीओ) को सूचित कर अंगदान की प्रक्रिया शुरू की गई।
पीजीआई के डॉक्टरों से किया संपर्क
अपोलो के चिकित्सकों ने पीजीआइ के नेफ्रोलाजी विभाग के प्रमुख प्रो. नारायण प्रसाद को बताया कि एक किडनी उपलब्ध है, जिसका प्रत्यारोपण किया जा सकता है। प्रो. नारायण ने संस्थान में पंजीकृत तीन मरीजों की मैचिंग की। इसमें से एक 26 वर्षीय पुरुष से मैच करने के बाद किडनी अपोलोमेडिक्स से पीजीआइ लाई गई। यहां पर किडनी ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ एवं यूरोलाजिस्ट प्रो. उदय प्रताप सिंह ने प्राप्त किडनी का प्रत्यारोपण युवक में किया गया।
ट्रांसप्लांट पूरी तरह सफल रहा। एक अन्य किडनी और लिवर का प्रत्यारोपण अपोलोमेडिक्स अस्पताल में ही एक मरीज में किया गया। अपोलो में लखनऊ की 46 वर्षीय क्रानिक किडनी डिजीज से पीड़ित महिला को किडनी प्रत्यारोपित किया गया। पिछले पांच वर्षों से वह डायलिसिस करवा रही थी। वहीं, लिवर सिरोसिस से पीड़ित लखनऊ के 52 वर्षीय पुरुष में लिवर ट्रांसप्लांट किया गया।
Updated on:
12 May 2023 11:16 am
Published on:
12 May 2023 11:15 am
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