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लखनऊ. एक दौर में बारहवीं के बाद होनहार छात्रों की पहली चॉइस इंजीनियरिंग होती थी लेकिन अब ट्रेंड बदल रहा है। सीबीएसई 12वीं में पास हुए कई होनहार छात्रों ने सिविल सर्विसेज को अपना पहला ड्रीम करियर बताया। बता दें कि CBSE 12वीं के रिजल्ट में यूपी ने देश को कई टॉपर दिए। गाजियाबाद की रहने वाली मेघना श्रीवास्तव ने सीबीएसई 12वीं के एग्जाम में टॉप किया है। होनहार छात्रों के पसंदीदा करियर ऑप्शंस क्या हैं, आइए जानते हैं-
-सिविल सर्विसेज
-चार्टेड एकाउंटेंसी
-इंजीनियरिंग (खासतौर पर कम्प्यूटर साइंस)
-एकेडमिक्स
-मैनेजमेंट
सिविल सर्विसेज पहला ड्रीम करियर
97 प्रतिशत अंक लाने वाले क्षितिज ने बताया कि सिविल सर्विसेज उनका ड्रीम करियर। वह क्लैट के जरिए लॉ की पढ़ाई करने के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी करेंगे। बता दें कि क्षितिज ने बारहवीं में काफी कठिन हालातों का सामना किया। यहां तक कि उन्हें साइनस इंफेक्शन भी नहीं रोक पाया। साइनस में सांस लेने में रुकावट, नाक की हड्डी का बढ़ना और तिरछा होना, एलर्जी होना इसकी आम समस्या है यानी किसी भी कारण से साइनस के संकरे प्रवेश मार्ग में अगर रुकावट आ जाती है। क्षितिज को भी इनका सामना करना पड़ा। एक वक्त तो ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि शायद वह परीक्षा न दे पाएं लेकिन उन्होंने एग्जाम दिए और सफलता भी हासिल की। वह सिविल सर्विसेज में जाना चाहते हैं।
बीटेक के बजाए बीएससी मंजूर
94.6% अंक प्राप्त करने वाले आरएलबी के छात्र पुष्कर सोनी ने बताया उनका लक्ष्य वैज्ञानिक बनने का है। वह अभी बीटेक नहीं करना चाहते। वह बीएसएसी करना चाहते हैं। उनके मुताबिक बीटेक में जाकर छात्र नौकरी के पीछे भागने लगते हैं लेकिन वह अभी पढ़ना चाहते हैं। वह बीएचयू से बीएससी करेंगे। वहीं 92 प्रतिशत अंक लाने वाले अमित सिंह ने बताया कि वह बीटेक के बजाए बीएससी,एमएससी कर रिसर्च फील्ड में जाना चाहेंगे।
फैशन डिजाइनिंग में भी है अच्छा स्कोप
आरएलबी चिनहट की मेधावी छात्र ऋचा सिंह ने 95.9 प्रतिशत अंक लाकर अपने मां-बाप का नाम रोशन किया। ऋचा फैशन डिज़ाइनर बनना चाहती हैं। कॉमर्स स्टूडेंट ऋचा की मानें तो उन्होंने पैरंट्स के कहने पर कॉमर्स ले ली थी लेकिन वह फैशन डिजाइनिंग में अपना करियर बनाना चाहती हैं। उन्होंने ने बताया कि, उनेके पिता प्रभानंद सिंह की स्टेशनरी की दुकान है। उसकी दो बहनें और है। ऋचा के पिता प्रभानंद तिवारी का कहना है कि, वह तीनों बेटियों की पढ़ाई-लिखाई का खर्चा स्टेशनरी की दुकान से ही चलाते हैं।
चार्टेड अकाउंटेंसी का भी क्रेज़
अवध कॉलिजिएट की अविजीत कौर ने बताया कि वह चार्टेड अकाउंटेंट बनना चाहती हैं। उनके मुताबिक, सीए के करियर में टाइम जरूर लगता है लेकिन अगर सब्र रखा जाए तो नतीजा भी अच्छा मिलता है। इनकम के हिसाब से भी ये फील्ड बेहतर है। वहीं 96.8% लाने वाली इशिता शुक्ला ने बताया कि वह आईईएस(इंडियन इकोनॉमिक्स सर्विसेज) में जाना चाहती हैं। उनके इकोनॉमिक्स में 100 प्रतिशत अंक आए।
Updated on:
26 May 2018 07:46 pm
Published on:
26 May 2018 07:49 pm
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