Chandrashekhar Azad Meet Sajjad Nomani: राजधानी लखनऊ में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने रविवार को प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान मौलाना सज्जाद नोमानी से उनके निवास पर मुलाकात की। यह भेंट पूरी तरह मानवीय संवेदनाओं से प्रेरित थी। चंद्रशेखर ने मौलाना की तबीयत का हाल जाना और उनके परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
Chandrashekhar Azad Meets Ailing Islamic Scholar Sajjad Nomani : लखनऊ में एक खास और मानवीय मुलाकात देखने को मिली जब भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और आज़ाद समाज पार्टी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद ने प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान मौलाना सज्जाद नोमानी के आवास पहुंचकर उनका हाल-चाल लिया। मौलाना की तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं है और वे स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। चंद्रशेखर आज़ाद ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हाल जाना और उनके परिवार से भी बातचीत की।
यह मुलाकात पूरी तरह से मानवीय संवेदनाओं से प्रेरित थी, जिसमें न किसी सियासत की बात हुई और न ही कोई मंचीय राजनीति। चंद्रशेखर आज़ाद ने न केवल मौलाना से मुलाकात की बल्कि उनके परिजनों से भी बात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मौलाना के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा, "मौलाना साहब का देश की सोच और समाज के प्रति योगदान अतुलनीय है। हम सब उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।"
मौलाना सज्जाद नोमानी देश के प्रमुख इस्लामी विद्वानों में गिने जाते हैं। वे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता भी रह चुके हैं। उनकी छवि एक संतुलित और समझदार धार्मिक नेतृत्वकर्ता की रही है। सामाजिक सौहार्द, शिक्षा और मुस्लिम समाज के सशक्तिकरण को लेकर वे निरंतर प्रयासरत रहे हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर के बाद समाज के कई तबकों ने चिंता जाहिर की थी। चंद्रशेखर आजाद जो एक समय दलित आंदोलन की सशक्त आवाज़ बनकर उभरे, अब सामाजिक न्याय आधारित राजनीति की मुख्यधारा में शामिल हैं। वे भले ही युवा हैं, लेकिन उनका प्रभावी वक्तव्य, विरोध की नई शैली और जमीनी स्तर पर काम ने उन्हें देशभर में लोकप्रिय बना दिया है। धार्मिक और सामाजिक नेतृत्व के साथ उनकी इस प्रकार की मुलाकातें दर्शाती हैं कि वे समावेशी राजनीति की दिशा में बढ़ रहे हैं।
इस मुलाकात ने यह संदेश भी दिया कि धर्म और विचारधारा की सीमाओं से परे जाकर अगर कोई बीमार है, तो उसे देखने जाना एक जिम्मेदार नागरिक और संवेदनशील नेता की पहचान है। इस मुलाकात में कहीं कोई राजनीति नहीं थी, बल्कि सामाजिक और मानवीय मूल्यों की झलक साफ दिखाई दी।
चंद्रशेखर आजाद ने मौलाना नोमानी के परिवारजनों से भी विस्तार से बातचीत की और कहा कि "अगर किसी तरह की मदद या सहयोग की आवश्यकता हो तो वे हर संभव मदद करने को तत्पर हैं।" उन्होंने मौलाना के इलाज के बारे में भी जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए घर से विदा हुए।
इस मुलाकात की जानकारी जैसे ही मीडिया में फैली, सोशल मीडिया पर भी यह ट्रेंड करने लगा। अनेक लोगों ने चंद्रशेखर आज़ाद के इस कदम की सराहना की और इसे राजनीति से ऊपर उठकर की गई एक संवेदनशील पहल बताया। ट्विटर और फेसबुक पर लोगों ने इसे “संवेदनाओं की राजनीति” का उदाहरण करार दिया।
मौलाना सज्जाद नोमानी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्हें थकावट और ब्लड प्रेशर की शिकायत बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है। हालांकि, परिवार की ओर से किसी प्रकार की गंभीर स्थिति का संकेत नहीं दिया गया है, लेकिन ऐहतियातन उन्हें आराम की सलाह दी गई है।