
24 घंटों में न्यूनतम तापमान 3 से 6 डिग्री तक गिरा (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश में ठंड ने एक बार फिर अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड में प्रभावी बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी भारत को प्रभावित करने वाले सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद अब पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी का सीधा असर मैदानी राज्यों पर पड़ रहा है। बर्फीले क्षेत्रों से आ रही ठंडी और शुष्क उत्तर-पश्चिमी पछुआ हवाओं ने प्रदेश में ठंड को और तीखा बना दिया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी भारत से गुजर चुके पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालयी क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हुई। इसके बाद वहां से निकलने वाली ठंडी हवाएं अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रही हैं। इन हवाओं के प्रभाव से बीती रात प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। विशेष रूप से प्रदेश के मध्यवर्ती हिस्सों में न्यूनतम तापमान 3 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। कुछ जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया, जिससे ठंड का असर अचानक बढ़ गया।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी न्यूनतम तापमान में थोड़ी और गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि इसके बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में गिरावट थमने की संभावना है और फिर धीरे-धीरे तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। लेकिन तब तक प्रदेशवासियों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक ठंडी हवाओं का प्रभाव बना रहेगा, तब तक राहत की उम्मीद कम है।
आमतौर पर दिन में धूप निकलने से ठंड का असर कुछ कम हो जाता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज ठंडी हवाओं, घने कोहरे और आसमान साफ न होने के कारण दिन में भी कई स्थानों पर शीत दिवस जैसी स्थितियां बनी रहीं। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे दर्ज किया गया, जिससे लोगों को पूरे दिन ठंड का एहसास होता रहा। सुबह से लेकर शाम तक सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया।
ठंड के साथ-साथ कोहरे ने भी जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सुबह और देर रात घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। कई जगहों पर दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ा। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी कुछ दिनों तक घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। तेज ठंडी हवाओं और नमी के कारण कोहरे की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।
कड़ाके की ठंड और कोहरे का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, किसानों और मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते नजर आ रहे हैं। सड़कों पर वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। कोहरे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन और पुलिस ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने, फॉग लाइट का प्रयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
घने कोहरे के कारण रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द भी किया गया है। हवाई सेवाओं पर भी कोहरे का असर दिख रहा है। सुबह के समय कम दृश्यता के कारण कई उड़ानों में देरी हुई है। एयरपोर्ट प्रशासन यात्रियों को उड़ान की स्थिति की जानकारी पहले से लेने की सलाह दे रहा है।
तेज ठंड और कोहरे का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार, सांस की तकलीफ, अस्थमा और जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि ठंड के मौसम में सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और ठंडी हवा से खुद को सुरक्षित रखें।
बढ़ती ठंड को देखते हुए प्रदेश भर में जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। नगर निगम और प्रशासन द्वारा प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं। रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई जा रही है और जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी ठंड से संबंधित बीमारियों को लेकर सतर्क किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
ठंड और पछुआ हवाओं का असर खेती पर भी पड़ रहा है। रबी फसलों पर ठंड का प्रभाव देखने को मिल रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान अत्यधिक नीचे गया तो पाले का खतरा बढ़ सकता है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। हालांकि कुछ मामलों में ठंड से गेहूं और सरसों जैसी फसलों को लाभ भी मिल सकता है।
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Published on:
05 Jan 2026 04:00 am
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