23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Chandrayaan-3: आखिर क्यों चंद्रयान-3 की लैंडिंग के लिए चुनी गई है ’23’ तारीख, जानिए इसके बारे में

chandrayaan 3 landing: 23 अगस्त का दिन पुरे भारत वर्ष के लिए बहुत ही खास दिन रहा है इस दिन हमारे वैज्ञानिकों ने नया इतिहास रच दिया। जिसका गवाह पूरा भारतवर्ष के लोग बने।

less than 1 minute read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Aug 23, 2023

chandrayaan 3 live updates

chandrayaan 3 live updates

चंद्रयान-3 लैंडिंग फेज तक पहुंच चुका था और लैंडर विक्रम को चांद पर उतरने का काउंटडाउन भी शुरू हो चुका था, ISRO ने 23 अगस्त की तारीख भी लैंडिंग के लिए बहुत ही सोच समझकर तय की थी ।

क्या है इसकी वजह

पूरा भारत एक साथ मिलकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से यही कह रहा था। 23 अगस्त शाम 6 बजकर 4 मिनट, ये वो टाइम तय किया गया था कि जब चांद की सतह पर चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम की सॉफ्ट लैंडिंग होगी। जाहिर-सी बात है हर किसी की धड़कनें बढ़ी हुई थी , क्योंकि चंद्रयान-2 की क्रैश लैंडिंग हुई थी, लेकिन इस दफा तैयारी इतनी तगड़ी थी और इसरो के वैज्ञानिकों का दावा था कि चंद्रयान-3 की लैंडिंग तो होकर ही रहेगी, और इसके लिए 23 अगस्त की तारीख भी बहुत ही सोच समझकर चुनी गई थी ।


अब उसकी खास वजह भी जान लीजिए

1. चंद्रयान-3 का लैंडर और रोवर चांद की सतह पर उतरने के बाद अपने मिशन का अंजाम देने के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करेगा।


2. चांद पर 14 दिन तक दिन और अगले 14 दिन तक रात रहती है, अगर चंद्रयान ऐसे वक्त में चांद पर उतरेगा जब वहां रात हो तो वह काम नहीं कर पाएगा।

3. इसरो सभी चीजों की गणना करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचा है कि 23 अगस्त से चांद के दक्षिणी ध्रुव सूरज की रौशनी उपलब्‍ध रहेगी।

4. वहां रात्रि के 14 दिन की अवधि 22 अगस्त को समाप्त हो रही है।

5. 23 अगस्त से 5 सितंबर के बीच दक्षिणी ध्रुव पर धूप निकलेगी, जिसकी मदद से चंद्रयान का रोवर चार्ज हो सकेगा और अपने मिशन को अंजाम देगा।