
फिर से खुली सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन की फाइल, 297 आरोपियों पर चार्जशीट, 18 पर लगेगा रासुका
लखनऊ. सीएए-एनआरसी (CAA-NRC Protest) के विरोध में पिछले साल राजधानी लखनऊ में हुए हिंसक के मामले में पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसते हुए 297 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है और 18 के खिलाफ रासुका लगाने की तैयारी में है। इसके साथ ही 43 और लोगों को भी गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें लगा दी गई हैं। बता दें कि इस मामले में पिछले साल 12 थानों में बलवा, तोड़फोड़, आगजनी, मारपीट, लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना समेत अन्य धाराओं में 63 मुकदमे दर्ज किए गए थे। 19 दिसंबर को सीएए आंदोलन को लेकर राजधानी में भारी हिंसा और आगजनी से कानून व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई थी। पुलिस आयुक्त ने बताया कि राजधानी को हिंसा की आग में झोंकने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस कमिश्नल सुजीत पाण्डेय ने कहा कि सीएए के विरोध में हजरतगंज, कैसरबाग, खदरा और ठाकुरगंज समेत अन्य इलाकों में हिंसात्मक प्रदर्शन हुआ था। उपद्रवियों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। पुलिस चौकी समेत कई सरकारी और निजी वाहनों में आगजनी व तोड़फोड़ की थी। इस दौरान जमकर पथराव भी हुआ था। कुछ की जान भी गई थी तो कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बवाल में लोक संपत्ति का भारी नुकसान हुआ था। इस मामले में 12 थानों में कुल 63 मुकदमे दर्ज किए गए थे और 297 के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट लगाई गई है। इनमें से 68 आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट और 28 के खिलाफ गुण्डा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इसी के साथ सम्बंधित प्रकरण में 43 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।
फिर शुरू हो सकता है सीएए आंदोलन
लॉकडाउन लागू होने के बाद सीएए और एनआरसी को लेकर हो रहे विरोध को लोगों ने रोक दिया था। लेकिन अब पुलिस को ऐसी जानकारी मिली है कि यह विरोध फिर से शुरू हो सकता है। बीते दिनों सीएए आंदोलन को लेकर आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट करने वाले गोमतीनगर के विरामखंड चार निवासी अफसार अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया था। ऐसे कई अन्य एक्टिविस्ट पुलिस के रडार पर हैं।
Published on:
17 Jun 2020 10:17 am
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