
हमेशा के लिए बंद हो गया नैनीताल का चौखुटा प्राथमिक स्कूल। (फाइल फोटो)
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर क्षेत्र के चौखुटा गांव में राजकीय प्राथमिक स्कूल बुधवार को बंद हो गया। कई महीनों से यह स्कूल एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहा था। इस स्कूल मेें छह महीने पहले स्थायी शिक्षक के अवकाश में जाने के बाद सुविधा के अनुरूप स्कूल आने वाले एकमात्र प्रभारी शिक्षक के भरोसे स्कूल चल रहा था। स्कूल में पढ़ रहे 19 बच्चों के अभिभावकों से आंखों के सामने बच्चों का भविष्य बर्बाद होते नहीं देखा गया तो सभी ने एक साथ अपना नाम कटवा लिया। अब विद्यालय 19 अप्रैल को मतदान के लिए खुलेगा।
नैनीताल के धारी ब्लॉक मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर चौखुटा में राजकीय प्राथमिक विद्यालय 15 साल पहले शुरू किया गया था। स्कूल हमेशा एक शिक्षक के भरोसे रहा, लेकिन लोगों ने उम्मीद नहीं छोड़ी और कुछ मजबूरी भी थी। लेकिन छह माह पहले यहां तैनात शिक्षिका ने अवकाश ले लिया। तब से वह अवैतनिक अवकाश पर हैं। इससे निराश बच्चे बुधवार को स्कूल छोड़ गए। संकुल प्रभारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि विद्यालय में 19 में से तीन बच्चों ने कक्षा पांच में पहुंचने के बाद टीसी निकाल ली। 16 बच्चे शिक्षक न होने के कारण बिना टीसी लिए ही स्कूल छोड़कर चले गए।
धारी के खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट ने बताया “मामला हमारे संज्ञान में है। अभिभावक बच्चों का नाम कटवाकर स्कूल से ले गए हैं। ब्लॉक में 81 विद्यालयों में 110 शिक्षक ही हैं। इसलिए शिक्षकों की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। विद्यालय बंद कर प्रभारी शिक्षिका को मूल विद्यालय भेज दिया है।”
Published on:
11 Apr 2024 09:15 am
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