2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डेढ़ दिन बाद भी Babuli Kol गैंग का कोई सुराग नहीं, यूपी-एमपी की खाकी का सर्च ऑपरेशन जारी

बबुली कोल (Babuli Kol) गैंग यूपी पुलिस की पहुंच से बाहर।

6 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Dhirendra Singh

Aug 25, 2017

Chitrakoot Encounter dacoit Babuli Kol

Chitrakoot Babuli Kol Encounter

विवेक मिश्रा/धीरन्द्र सिंह

लखनऊ/चित्रकूट. पुलिस के लिए चुनौती बने सात लाख के इनामी खूंखार डकैत बबुली कोल का कोई भी सुराग अभी तक खाकी के हांथ नहीं लग पाया है। गैंग से मुठभेड़ हुए डेढ़ दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस गैंग की परछाईं भी नहीं पा सकी है। मुठभेड़ के दौरान गुरूवार को रैपुरा थाने में तैनात जाबांज एसआई जेपी सिंह गोली लगने से शहीद हो गए, वहीं बहिलपुरवा थानाध्यक्ष वीरेंद्र त्रिपाठी गोली लगने से घायल हो गए थे। उधर गैंग के भी एक सदस्य को पैर में गोली लगने के बाद उसे दबोच लिया गया। तो दूसरी तरफ गैंग के हार्डकोर सदस्य पचास हजार के इनामी डकैत लवलेश कोल की गोली लगने से मौत की खबर पर पुलिस महकमा उसकी तलाश में जंगल में सर्च अभियान चला रही है। साथ ही अभी तक पुलिस फोर्स की कॉबिंग जारी है। गैंग सरगना बबुली कोल को भी गोली लगने की खबर है लेकिन फिलहाल पुलिस पुख्ता दावा नहीं कर रही है। लेकिन पिछले डेढ़ दिन से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी गैंग का कोई पता पुलिस को नहीं लग पाया है। यूपी व एमपी पुलिस मिलकर दोनों राज्यों के सीमाई इलाकों, बीहड़ों व जंगलों में घेरेबंदी करते हुए सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

गोलियां को आवाज से गुंजता रहा इलाका
गुरूवार को खूंखार डकैत बबुली कोल व पुलिस के बीच हुई अप्रत्याशित मुठभेड़ से पूरा पाठा क्षेत्र थर्रा उठा। मुठभेड़ में पुलिस ने अपना जाबांज एसआई खो दिया। गैंग और पुलिस के बीच ये मुठभेड़ मानिकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत निही चिरैया गाँव के जंगल में हुई। दिन भर रह रहकर पूरा इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से गूँजता रहा। इधर पुलिस के एसआई के शहीद तथा उधर गैंग के एक सदस्य के गोली लगने से घायल होने के बाद उसकी गिरफ्तारी की गई। इस बीच गैंग बीहड़ों में गायब। सूचना है कि पुलिस की गोली से गैंग सरगना बबुली कोल घायल हुआ है और गैंग दूसरे हार्डकोर मेंबर लवलेश कोल की गोली लगने से मौत हुई है। लेकिन अब तक पुष्टी नहीं हो सकी है। वहीं पुलिस ने दावा किया है कि अब तक गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा जा चुका है।

यूपी-एमपी खाकी का संयुक्त अभियान

लगभग चालीस किलोमीटर परिक्षेत्र में फैले पाठा के घने जंगल व बीहड़ डाकुओं के लिए तो मुफीद हैं, लेकिन पुलिस को इन इलाकों में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। गैंग की लोकेशन ट्रेस करने में काफी दिक्कत आ रही है क्योकि मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर है व पुलिस टीमें आपसी कम्युनिकेशन नहीं बना पा रही हैं। दूसरी तरफ पडोसी राज्य मध्य प्रदेश के बीहड़ भी इसी इलाके में मिलते हैं, जिससे जंगलों व बीहड़ों से होते हुए डकैत मध्य प्रदेश के भी घने जंगलों और बीहड़ों में गायब हो जाते हैं। यूपी व एमपी की पुलिस ने संयुक्त रूप से बीहड़ों में सर्च ऑपरेशन चलाने की रणनीति बनाई है। एमपी के सतना जनपद की पुलिस ने चित्रकूट से लगे सीमाई इलाकों में घरबंदी कर दी है और अपने परिक्षेत्र में पड़ने वाले जंगलों और बीहड़ों में कॉम्बिंग शुरू कर दी है। इधर यूपी पुलिस तथा पीएसी की कई टीमों ने टिकरिया मारकुंडी जमुनिहाई डोडामाफी चमरौहां सकरौंहा घाटा कोलान डोडा सोसाइटी कोलान बहिलपुरवा आदि प्रमुख दस्यु प्रभावित इलाकों को घेरे में लिया है। पुलिस की कई टीमें घने जंगलों में पूरे एलर्ट के साथ गैंग की तलाश में जुटी हैं।

फायर पावर में कम नहीं दस्यु बबुली
पुलिस को अत्याधुनिक हथियारों के दम पर कड़ी टक्कर देने वाले दस्यु बबुली कोल के पास पिछले सारे खूंखार डकैतों के खतरनाक हथियार मौजूद हैं, जो कभी अपने समय में खाकी के लिए खासी चुनौती हुआ करते थे। ददुआ, ठोकिया बलखड़िया , रागिया जैसे कुख्यात डकैतों के गैंग के अत्याधुनिक असलहे वर्तमान में बबुली के पास मौजूद हैं। बीहड़ के सूत्रों के मुताबिक़ गैंग के पास हथगोले भी पर्याप्त मात्रा में हैं। खुद बबुली अत्याधुनिक राइफल के साथ चलता है। इसके अलावा दस्यु बबुली अच्छा निशानेबाज भी माना जाता है। कद काठी से मजबूत बबुली कोल को पाठा के बीहड़ के चप्पे-चप्पे की जानकारी है। दस्यु बलखड़िया रागिया की गैंग में रह चुका बबुली कोल शराब और शबाब का शौकीन बताया जाता है। गुरूवार को जब वह अपनी गैंग के साथ निही चिरैया के जंगल में मौजूद था, तो उस समय भी शराब और शबाब का दौर चला था।

सात दर्जन से अधिक मुकदमें हैं दर्ज
खूंखार डकैत बबुली कोल पर जनपद चित्रकूट सहित मध्य प्रदेश के सतना जनपद के विभिन्न थानों में हत्या लूट अपहरण जैसी संगीन वारदातों को लेकर सात दर्जन से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। सबसे अधिक मुकदमें उसके अपने पैतृक गाँव डोडा सोसाइटी कोलान के थाने मारकुंडी में दर्ज हैं। यहां इस दस्यु सरगना के खिलाफ विभिन्न संगीन वारदातों को लेकर 24 मामले दर्ज हैं, मानिकपुर थाने में 21 मामले दर्ज हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश के सतना जनपद के मझगवां नया गाँव धारकुंडी थाने में भी तीन दर्जन से अधिक मुकदमें हत्या लूट अपहरण की वारदातों को लेकर दर्ज हैं। यही नहीं गैंग के दूसरे बड़े डकैत और बबुली के दाहिने हाँथ लवलेश कोल पर भी हत्या लूट अपहरण के लगभग 50 मुकदमें दर्ज हैं। लवलेश के खिलाफ मानिकपुर बहिलपुरवा कर्वी कोतवाली सहित मध्य प्रदेश के सतना जनपद के विभिन्न थानों में भी मामले दर्ज हैं। लवलेश पचास हजार का इनामी है और दस्यु बबुली के साथ मिलकर हर वारदात को अंजाम देता है।

गांव में मुठभेड़ का डर सता रहा
मुठभेड़ में शहीद हुए एसआई जेपी सिंह को गार्ड ऑफ़ ऑनर देते हुए उनके शव को उनके पैतृक गाँव नेवढ़िया जनपद जौनपुर भेज दिया गया है। गैंग व पुलिस की भीषण मुठभेड़ से पूरे पाठा क्षेत्र में दहशत का माहौल है। कई ग्रामीण इलाकों में सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण खौफजदा हैं कि कहीं गैंग उनके इलाके में न आकर पनाह ले लें, जिससे पुलिस व गैंग के बीच ताबड़तोड़ मुठभेड़ हो जाए। बीहड़ के गाँवों में भारी मात्रा में पुलिस फ़ोर्स की मौजूदगी है, जिससे वे इलाके पुलिस छावनी में तब्दील हो गए है।

नम आँखों से दी गई शहीद को अंतिम विदाई
डकैत बबुली कोल गैंग की गोलियों का निशाना बने वीरगति को प्राप्त जनपद के रैपुरा थाने में तैनात एसआई शहीद जेपी सिंह को पुलिस लाइन में गॉर्ड ऑफ़ ऑनर देते हुए नम आँखों से अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान यूपी पुलिस के कई अफसर वहां अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद रहें। जिस समय शहीद का शव उनके पैतृक गाँव नेवढ़िया जनपद जौनपुर भेजा जा रहा था उस समय तकरीबन हर वर्दीवाले की आँखों में अपने साथी के हमेशा के लिए बिछड़ने का दर्द साफ़ झलक रहा था। शहीद जेपी सिंह जनपद के कई थानों में तैनात रह चुके थे, इसलिए हर थाने के पुलिसकर्मियों से उनकी यादें जुडी हुई थीं। रैपुरा थाने में तैनाती के बाद से ही एसआई जेपी सिंह दस्यु गिरोहों के खिलाफ किसी भी मूवमेंट में खुद को सबसे आगे रखते थे। गुरूवार को भी उन्होंने दिलेरी दिखाते हुए गैंग से मोर्चा ले लिया, लेकिन बदकिस्मती से डकैतों की गोली ने उनके सीने को अपना निशाना बना लिया।

गम और गुस्से में है खाकी
पुलिस के उच्चाधिकारियों का कहना है की गैंग के खात्में के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयारी हो चुकी है। डकैतों को बख्शा नहीं जाएगा। मौके पर पहुंचे एडीजी इलाहाबाद जोन एसएन साबत डीआईजी चित्रकूटधाम रेंज ज्ञानेश्वर तिवारी ने एक ही बात कही की डकैतों को उनकी करनी की कीमत चुकानी पड़ेगी।

श्रद्धांजलि देने जौनपुर पहुंचे मंत्री और एडीजी
शहीद जय प्रकाश सिंह को अंतिम विवाद देने लखनऊ से एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार और मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह भी पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी। जेपी सिंह के पार्थिव शरीर को एडीजी व मंत्री महेंद्र सिंह ने कंधा देते हुए अंतिम विदाई दी।

शहीद के नाम पर बनेगी सड़क और द्वारा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद सब इंस्पेक्टर जेपी सिंह के नाम पर उनके क्षेत्र में एक सड़क के नामकरण की घोषणा की है। साथ ही उनके गांव बनोवरा में शहीद के नाम पर एक द्वार बनाने का ऐलान किया है।

शहीद के परिवार को 50 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है, शहीद जेपी सिंह को वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। वहीं शहीद जेपी सिंह के परिवार को 25 लाख रुपये गृह विभाग व 25 लाख रुपये मुख्यमंत्री कोष से आर्थिक सहायता के रूप में दिए गए।

पुलिस विभाग एक दिन का सैलरी शहीद परिवार को देगा
शहीद जेपी सिंह के लिए पूरा यूपी पुलिस महकमा एक साथ खड़ा हो गया है। सभी जिलों में स्वच्छा के आधार पर सिपाही से लेकर उच्च अधिकारी तक अपनी एक दिन की सैलरी शहीद एसआई के परिवार के नाम कर रहें हैं। लखनऊ एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि जिले में सैलरी से एक दिन की सैलरी लगभग सभी पुलिस वाले शहीद परिवार को दे रहे हैं। इसका चेक 1 अगस्त को शहीद एसआई के परिवार को सौंपा जाएगा। वहीं चित्रकुट रेंच सहित अन्य जिले भी यह पहल कर रहे हैं।

डीजीपी ने फोन पर दी सांत्वना
यूपी पुलिस डीजीपी सुलखान सिंह ने फोन कर शहीद जेपी सिंह के पिता से बात की। उन्होंने परिवार की सुरक्षा व हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए सांत्वना दी।

वर्जन
पुलिस फोर्स की टीमें जंगल व आस-पास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पल-पल की जानकारी के लिए टीमें संपर्क में हैं। जैसे ही कुछ पता चलता है उसका खुलासा किया जाएगा। (राहुल श्रीवस्ताव, एडिशनल एसपी/पीआरओ-डीजीपी)