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ब्राइटलैंड स्कूल कांड : सीएम योगी छात्र से मिलने पहुंचे अस्पताल, प्रिंसिपल हिरासत में, रेयान इंटरनेशनल जैसी घटना

रेयान इंटरनेशनल के प्रद्युम्न हत्याकांड जैसी वारदात लखनऊ के ब्राइटलैंड स्कूल में दोहराने का प्रयास हुआ। घायल छात्र रितिक से मिलने पहुंची सीएम योगी।
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लखनऊ

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Dhirendra Singh

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Updated: 18 Jan 2018, 10:48 PM IST

Yogi Adityanath

Yogi Adityanath

लखनऊ. गुरुग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल के प्रद्युम्न हत्याकांड को यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित ब्राइटलैंड इंटर कॉलेज में अंजाम देने का प्रयास देश में चर्चा का विषय बन गया है। स्कूल के बाथरुम में पहली कक्षा के छात्र ऋतिक शर्मा (7) का कई बार चाकू मार घायल किया गया। प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गए इस केस की जानकारी होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ट्रामा सेंटर में भर्ती ऋतिक शर्मा को देखने के लिए पहुंचे। उधर पुलिस ने स्कूल में बड़ी लापरवाही के कारण हुई इस वारदात के लिए प्रिंसिपल को हिरासत में ले लिया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए कड़ी कार्रवाई के आदेश
ट्रामा सेंटर में भर्ती गंभीर रुप से घायल ब्राइटलैंड इंटर कॉलेज के छात्र ऋतिक शर्मा को देखने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने डॉक्टरों से उसकी स्थिति के बारे में पूछा। साथ ही बच्चे व उसके परिवार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, चाहे वह कोई भी हो।

पुलिस के प्रिंसिपल को हिरासत में लिया
अलीगंज पुलिस ने ब्राइटलैंड इंटर कॉलेज पर भी कई संगीन आरोप लगाए है। इसके तरह स्कूल प्रबंधन से जुड़े दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ब्राइटलैंड इंटर कॉलेज की डायरेक्टर वीना मानस के दो बेटों को रोहन मानस और रचित मानस को हिरासत में लिया है। यह दोनों कॉलेज प्रबंधन से जुड़े हुए हैं। वहीं रचित मानस कॉलेज के प्रिंसिपल हैं। पुलिस ने दोनों को लापरवाही के आरोप में हिरासत में लिया है।

यह था पूरा मामला
बथरूम से आ रही थी आवाज, खोलने पर खून लथपथ मिला छात्र
लखनऊ के अलीगंज के स्थित ब्राइटलैंड इंटर कॉलेज में मंगलवार को गुरुग्राम स्थित रेयन इंटरनेशनल जैसी अमानवीय वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया गया। कॉलेज के बाथरूम में एक छात्र खून से सनी हालत में मिला। उसके शरीर पर चाकू के कई गहरे घाव मिले। इस घटना को कॉलेज प्रशासन ने 24 घंटे तक दबाए रखा।
दरअसल मंगलवार को सुबह 10 बजे स्कूल के बाथरूम में पहली क्लास का छात्र ऋतिक शर्मा (7) खून से लथपथ हाल में मिला। उसे बाथरुम के अंदर बंद किया गया था। प्रार्थना के बाद कॉलेज के डिस्पलिन डेड राउंड पर थे। इसी दौरान बाथरूम के अंदर से खटखटाने की आवाज आ रही थी। जब उन्होंने बाथरूम का दरवाजा खोला तो ऋतिक खून से सना हुआ दिखाई दिया और उसके मुंह में कपड़ा ठूसा हुआ था। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने बिना पुलिस को सूचना दिए, छात्र को केजीएमयू अस्पताल में एडमिट कराया। डॉक्टरों के मुताबिक छात्र के पेट, छाती और चेहरे पर धारधार हथियार से हमला किया गया है।

परिवार वालों को चोट लगने की बात कहीं
ऋतिक अपने परिवार के साथ त्रिवेणीनगर में रहता है। उसके पिता राजेश सिंह इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में चपरासी की नौकरी करते हैं। वह सुबह ऋतिक को स्कूल छोड़कर कोर्ट चले गए। थोड़ी देर बाद ही स्कूल से फोन आया कि आपके बच्चे को चोट लग गई है, स्कूल आ जाईए। जब वह स्कूल और फिर अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता चला कि ऋतिक पर किसी ने चाकू से हमला किया है। राजेश सिंह ने बताया कि उनके बेटे को किसी बड़ी क्रुरता से मारा गया है। गहरे घाव के कारण उसे कई टांके लगाए गए हैं।

स्कूल की सीनियर छात्रा पर संगीन आरोप

थाना प्रभारी अलीगंज ने बताया कि ऋतिक की हालत अभी ठीक नहीं है। इसलिए बयान नहीं हो पाए हैं। लेकिन उसने पुलिस को बताया है कि स्कूल में ही 6 या 7 वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक सीनियर छात्रा ने उस पर जानलेवा हमला किया है। पीड़ित छात्र ने बताया कि उस छात्रा ने कहा कि चलो मैडम ने तुम्हें बुलाया है। इसके बाद वह उसे बाथरूम में ले गई। जहां दरवाजा बंद कर उस पर चाकू से हमला किया। चिल्लाने पर छात्रा ने लाल रंग का कपड़ा उसके मुंह में ठूस दिया। इसके बाद उसे बाथरूम में बंद कर भाग गई।

घरेलू प्रयोग में आने वाले चाकू से हमला

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि पीड़ित छात्र पर घरेलू चाकू से हमला किया गया है। इसके पीछे एक छात्रा का नाम आ रहा है। पीड़ित छात्र का कहना है कि वह उसे देखते ही पहचान लेगा। ऐसे में जल्द ही उससे स्कूल के बच्चों की पहचान कराई जाएगी। वहीं पुलिस अपने स्तर पर गंभीरता से इस मामले की जांच कर रही है।

24 घंटे तक मामले को दबाए रखा

थाना प्रभारी का कहना है कि किसी ने भी मंगलवार को इस घटना के संबंध में जानकारी नहीं दी। वहीं बुधवार को जब पुलिस को इसकी जानकारी हुई तो एक दारोगा को अस्पताल भेजा गया। जहां परिवार ने स्कूल पर कोई भी आरोप लगाने से इंकार कर दिया था।

परिवार पर दवाब बनाने की कोशिश

जानकारी के मुताबिक पीड़ित परिवार पर मंगलवार को घटना होने के बाद से ही दबाव बनाया जा रहा है। स्कूल प्रशासन ने बच्चे का इलाज कराने की बात कहकर पुलिस केस होने से बचाने का प्रयास किया। साथ ही 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस को सूचना नहीं दी। हालांकि बुधवार को राजेश सिंह ने पुलिस को लिखित में तहरीर दी है।