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एक घंटे अगल-बगल बैठे योगी-राजभर, न एक दूजे को देखा न बात की

शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में अगल-बगल बैठे सीएम योगी- राजभर लेकिन बात तक नहीं की

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एक घंटे अगल-बगल बैठे योगी-राजभर, न एक दूजे को देखा न बात की

लखनऊ. नजरें मिलीं, दुआ-सलाम भी हुआ, दोनों लगभग एक घंटे साथ बैठे लेकिन न सीएम योगी कुछ बोले न उनके मंत्री ओमप्रकाश राजभर... ये नजारा था राजधानी स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह का जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दोनों के बीच चल रही तल्खी साफ दिखी। दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल राम नाईक ने की। वहीं पद्मश्री डॉ. उमा तुली ने दीक्षांत उद्भोधन दिया।

सरकार के खिलाफ अक्सर बयान देते रहे हैं राजभर

बता दें कि पिछले कई दिनों से योगी सरकार से नाराज चल रहे मंत्री ओमप्रकाश राजभर लगातार सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने ये तक कह दिया है कि सरकार को अगर उनके खिलाफ ऐक्शन लेना है तो ले सकती है।

लड़कियों ने बाजी मारी

यूनिवर्सिटी के अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया। समारोह में छात्राओं का दबदबा रहा। 49 छात्राओं को 67 मेडल जबकि 26 छात्रों को 36 मेडल दिए गए। कुल 77 मेधावियों को 103 मेडल व 829 विद्यार्थियों को डिग्री दी गई। मेडल्स पाने वालों में 39 स्टूडेंट्स को गोल्ड, 32 रजत व 32 कांस्य पदक दिए गए।

इन्हें मिले सबसे ज्यादा मेडल

इस बार पांच विद्यार्थियों ने कुलाध्यक्ष समेत 3-3 मेडल पर कब्जा जमाया है। एमएससी अप्लाइड सांख्यिकी के विपिन यादव ने कुलाध्यक्ष, मुख्यमंत्री व कुलपति समेत तीन स्वर्ण पदक झटके हैं। एमए इतिहास की साधना द्विवेदी ने कुलाध्यक्ष रजत, मुख्यमंत्री स्वर्ण व कुलपति स्वर्ण पदक पाया है। एमएससी आईटी के छात्र वीरेंद्र कुमार सिंह ने कुलाध्यक्ष कांस्य, मुख्यमंत्री स्वर्ण व कुलपति स्वर्ण पदक पाया है। बीएड की छात्रा पूजा सक्सेना, एमए हिंदी की छात्रा आस्था यादव को भी तीन-तीन मेडल मिले।

सीएम बोले- नजर नहीं नजरिया बदलना चाहिए

सीएम योगी ने अपने भाषण के दौरान कहा कि नजरिया बदलने से जिंदगी बदलती है। केंद्र और प्रदेश की सरकार सरकार दिव्यांगजनो के कल्याण के लिए पूरी ततपरता और संजीदगी के साथ काम कर रही है।पीएम मोदी इन सब कार्यो की खुद मॉनिटरिंग करते हैं।आज हमें यूपी की अरुणिमा सिन्हा और आईएएस सुहास एल वाई से सीखने की जरूरत है। इसके साथ ही स्टीफन हॉकिंग की बात करें तो यही सीखने को मिलेगा कि प्रतिभा किसी बंधन की मोहताज नहीं होती है। आज बस एक मंच की आवश्यकता है, जो ये विश्विद्यालय सफलतापूर्वक कर रहा है। कुछ करने के लिए नजर से पहले नजरिये की जरूरत होती है।

अंदर सीएम, बाहर हंगामा

बता दें कि जैसे ही सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने बोलना शुरू किया, आडिटोरियम के अंदर तालियों से उनका स्‍वागत हुआ तो वहीं आडिटोरियम के बाहर प्रदर्शन का शोर सुनाई दिया। पता चला कि बीटेक के छात्र यूनिवर्सिटी में व्‍यापत अनियमितता और अव्‍यवस्‍था की शिकायत को लेकर सीएम से मिलना चाहते हैं, लेकिन पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन के लोग उन्‍हें अंदर जाने नहीं दे रहे।

इन मांगों को लेकर हुआ प्रदर्शन

यूनिवर्सिटी के बीटेक सिविल इंजीनियरिंग के द्वितीय वर्ष के छात्र रवि प्रकाश पाल ने बताया कि हम दस सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम से मिलना चाहते हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन के लोग अंदर ही नहीं जाने दे रहे हैं। इन मांगों में डिपार्टमेंट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्‍नॉलॉजी को स्‍ववित्‍तपोषित के बजाय नियमित किए जाने की मांग, इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को एआइ्रसीटीई से मान्‍यता दिलाने की मांग, आयोग द्वारा शिक्षक नियुक्ति की मांग, प्रयोगशाला की व्‍यवस्‍था, स्‍टूडेंट के लिए सांस्‍कृतिक, सामाजिक और शै‍क्षणिक कार्यक्रमों के आयोजन, छात्रवृत्ति न आने की शिकायत, स्‍टूडेंट्स के बैठने की उचित व्‍यवस्‍था, फर्स्‍ट एड की व्‍यवस्‍था और कैंटीन की सुविधा देने की मांग शामिल है।