
Lok Sabha Elections 2024: सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सीटों पर उनके साथ और अकेले भी कई बार पहुंचकर मतदाताओं से संवाद स्थापित किया। यही नहीं अपनी गृह सीट गोरखपुर में भी योगी आदित्यनाथ ने सात से अधिक रैली, कार्यक्रम और रोड शो किए। इसके साथ ही नए प्रत्याशियों के लिए भी सीएम योगी ने कई बार मतदाताओं से संवाद स्थापित किया।
भले ही गोरखुपर के चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बड़ा फैक्टर हों, लेकिन यहां के जातीय समीकरण किसी का भी खेल बना और बिगाड़ सकते हैं। यही कारण है कि इस सीट पर योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। सीएम योगी का गढ़ कहे जाने वाले गोरखपुर में सीधा मुकाबला भाजपा के रवि किशन और समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी काजल निषाद के बीच है।
सीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी ने वाराणसी में आठ चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इसमें से अधिकांश में प्रधानमंत्री और काशी के सांसद नरेंद्र मोदी खुद भी शामिल रहे। सीएम योगी ने 3 अप्रैल को वाराणसी लोकसभा चुनाव संचालन समिति की बैठक की। पीएम मोदी संग 13 मई को रोड शो, 14 मई को कार्यकर्ता सम्मेलन, 14 मई को नामांकन, 21 मई को नारी वंदन सम्मेलन में सीएम भी शामिल हुए। सीएम योगी ने 25 मई व 27 मई को जनसभा की और 27 मई को ही वाराणसी के अधिवक्ता से संवाद स्थापित किया।
लखनऊ के सांसद व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संग योगी आदित्यनाथ ने नामांकन से पहले 29 अप्रैल को रोड शो किया। इसके अलावा सीएम 14, 15, 16 और 17 मई को विभिन्न जनसभाओं में भी शामिल हुए। गोरखपुर से भाजपा सांसद व प्रत्याशी रवि किशन के लिए भी सीएम योगी ने मतदाताओं से संवाद स्थापित किया। गोरखपुर में 4 अप्रैल को लोकसभा चुनाव संचालन समिति की बैठक की। 10 मई को नामांकन सभा, 24, 26, 28, 29 मई को जनसभा और 29 मई को ही यूपी का आखिरी चुनावी कार्यक्रम रोड शो भी सीएम योगी ने गोरखपुर में ही किया।
चुनाव के दौरान भी अयोध्या की सीट उनके केंद्र में रही। वह निरंतर अयोध्या में विकास कार्यों का निरीक्षण करने, साधु-संतों से भेंट करने के साथ नियमित रूप से रामलला व हनुमानगढ़ी दरबार भी पहुंचते रहे। इस सीट के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने रोड शो भी किया था। इसमें सीएम योगी भी शामिल रहे। इसके साथ ही दो अन्य जनसभाओं के माध्यम से वोट अपील की। वहीं, रामायण धारावाहिक के 'श्रीराम' यानी अरुण गोविल के समर्थन में भी सीएम योगी ने मेरठ लोकसभा सीट के लिए भी कई बार प्रचार किया।
अपने चुनाव कार्यक्रम के पहले दिन (27 मार्च) सीएम योगी ने मेरठ में प्रबुद्ध सम्मेलन किया तो 31 मार्च को पीएम मोदी संग चौधरी चरण सिंह गौरव सम्मान समारोह में शामिल हुए। मेरठ लोकसभा सीट के लिए सीएम योगी ने 18 अप्रैल को जनसभा और 23 अप्रैल को रोड शो भी किया। जिन सीटों पर नए प्रत्याशियों के लिए भाजपा ने दांव लगाया। उनमें से हाथरस, मैनपुरी, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बदायूं आदि सीटें ऐसी रही, जहां सीएम योगी तीन या उससे अधिक बार प्रचार करने पहुंचे।
इस बार हाथरस से अनूप प्रधान, मैनपुरी से जयवीर सिंह, मेरठ से अरुण गोविल, बागपत से एनडीए के राजकुमार सांगवान, गाजियाबाद से अतुल गर्ग और बदायूं से दुर्विजय सिंह शाक्य मैदान में हैं। इन नए प्रत्याशियों के लिए भी सीएम योगी ने खूब पसीना बहाया। वहीं, 2019 में हारी अमरोहा और सहारनपुर सीटों पर भी सीएम योगी आमजन के बीच पहुंचे।
Updated on:
03 Jun 2024 03:12 pm
Published on:
03 Jun 2024 03:11 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
