
बच्चों में होने वाली हड्डियों से संबंधित समस्याओं का इलाज करेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर, 86 करोड़ से बनकर तैयार हुआ सेंटर फोटो सोर्स : Patrika
UP First Hi-Tech Orthopedic Super Specialty Centre: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेशवासियों को राज्य का पहला हाईटेक ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर समर्पित किया। यह सात मंजिला सेंटर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में स्थापित किया गया है और 86 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इस सेंटर के शुरू होने से न केवल लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश के हड्डी रोगियों को अत्याधुनिक और समग्र इलाज की सुविधा एक ही छत के नीचे प्राप्त होगी।
यह सुपर स्पेशियलिटी सेंटर देश के उन चुनिंदा चिकित्सा संस्थानों में शामिल हो गया है, जहां आर्थोप्लास्टी (हड्डियों की बदलने की सर्जरी), स्पाइन सर्जरी, स्पोर्ट्स मेडिसिन, पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी जैसी समस्त सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन के दौरान कहा कि “प्रदेश की जनता को अब हड्डी और जोड़ रोगों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। एक ही स्थान पर पूरी देखभाल मिलेगी – जांच, दवा, भर्ती और सर्जरी सब कुछ।”
केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के अनुसार इस भवन में 340 बेड की सुविधा दी गई है, जिसमें से:
सभी ऑपरेशन थिएटर विश्वस्तरीय तकनीक से सुसज्जित हैं और हड्डी रोगों के उपचार में विशेषज्ञता रखने वाले डॉक्टर्स एवं प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था की गई है।
इस सेंटर में विशेष रूप से खिलाड़ियों को होने वाली चोटों का इलाज किया जाएगा। स्पोर्ट्स मेडिसिन विंग में आधुनिक उपकरण और विशेषज्ञ टीम होगी जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के पुनर्वास और इलाज में सहायता करेगी।
साथ ही, पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग में बच्चों में जन्मजात या विकास के दौरान होने वाली हड्डी की समस्याओं के इलाज की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। इससे बच्चों को बड़े ऑपरेशन या महंगे इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
इस सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में एचआरएफ द्वारा संचालित फार्मेसी काउंटर बनाए गए हैं जो 24 घंटे खुली रहेंगी और जरूरी दवाओं व सर्जिकल उपकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। यह विशेष सुविधा दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगी।
सेंटर में केवल मरीजों की चिकित्सा ही नहीं की जाएगी, बल्कि आधुनिक तकनीकों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए एक अलग से ट्रेनिंग विंग स्थापित किया गया है, जहां डिजिटल और प्रैक्टिकल माध्यमों से चिकित्सा शिक्षा दी जाएगी। इससे न केवल केजीएमयू के मेडिकल स्टूडेंट्स को बल्कि पूरे प्रदेश के मेडिकल प्रोफेशनल्स को लाभ मिलेगा। “यह सेंटर उत्तर प्रदेश को चिकित्सा शिक्षा में आत्मनिर्भर बनाएगा।”-प्रो. सोनिया नित्यानंद, कुलपति, केजीएमयू
सीएम योगी ने इस अवसर पर घोषणा की कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने के लिए ऐसे ही अन्य सुपर स्पेशियलिटी सेंटर्स की स्थापना अन्य जिलों में भी की जाएगी। यह सेंटर आने वाले वर्षों में राज्य के मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि केजीएमयू को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने वाला चिकित्सा संस्थान बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
| विशेषता | विवरण |
| कुल लागत | ₹86 करोड़ |
| कुल बेड | 340 |
| OT (ऑपरेशन थिएटर) | 8 बड़े, 2 छोटे |
| HDU बेड | 24 |
| प्राइवेट कमरे | 24 |
| OPD कक्ष | 8 |
| खेल चिकित्सा विशेषज्ञ | उपलब्ध |
| पीडियाट्रिक ऑर्थो विभाग | उपलब्ध |
| प्रशिक्षण केंद्र | स्थापित |
| फार्मेसी और सर्जिकल सप्लाई | 24x7 |
Published on:
14 Jul 2025 06:49 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
