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नोटबंदी से देश को क्या मिला, अब माफी मांगें मोदी: प्रमोद तिवारी

नोटबंदी से देश को क्या मिला, अब माफी मांगें मोदी: प्रमोद तिवारी

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प्रमोद तिवारी

लखनऊ. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए देश से माफी मांगने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि रिजर्व बैंक आॅफ इण्डिया ने अधिकृृत जारी की है, जिसके अनुसार ‘‘नोटबन्दी’’ के समय देष में कुल 15 लाख 44 हजार करोड़, पांच सौ और एक हजार के नोट प्रचलन में थे, और लगभग 15 लाख 31 हजार करोड़ की अधिकृृत नोट बैंकों में नोटबन्दी के बाद जमा हुई, जो कुल प्रचलित मुद्रा का लगभग 99.03 प्रतिषत हुआ, यह बहुत चैंकाने वाले आंकड़े हैं । जबकि नये नोट की छपाई पर 12000 करोड़ (बारह हजार करोड़) रुपये, और इसके विज्ञापन तथा प्रचार प्रसार पर 10,000 करोड़ (दस हजार करोड़) रुपये खर्च हुये, जो बैंकों में न जमा होने वाली धनराषि से कहीं ज्यादा है।

प्रमोद तिवारी के मुताबिक, पीएम नरेन्द्र मोदी जी ने सार्वजनिक रूप से टेलीविज पर यह घोषणा की थी कि ‘‘नोटबन्दी से कालाधन बाहर आयेगा, और इससे आतंकवाद रुकेगा’’ । मोदी जी ने देश के लोगों को इसे एक क्रान्तिकारी कदम बताया था, और कहा था कि जो कई लाख करोड़ कालाधन है वह आम आदमी के काम आयेगा। इसके कुछ दिनों के बाद फिर उन्होंने कहा था कि मुझे मात्र 60 दिन दे दीजिये, मैं भारत की अर्थव्यवस्था में कालाधन वापस ले आउंगा, देशवासी मेरे लिये इस कष्ट को सहन कर लें, उसके बाद सारा कालाधन, कालाबाजारियों से वापस आ जायेगा और देश खुशहाल हो जायेगा । वरना किसी भी चैराहे पर जो चाहे सजा दे देना।


प्रमोद तिवारी ने कहा है कि देश के लोगों ने प्रधानमंत्री जी पर विष्वास किया। नोटबन्दी के कारण सैकड़ों लोग रात- रात भर जाकर लाइन में खड़े रहे, तमाम यातनायें सहीं, देष में कितने लोगों की लाइन में खड़े- खड़े मौत हो गयी, कितनी बेटियों की शादियां नोटबन्दी के कारण नहीं हो सकी, तमाम लोग अस्पताल में इलाज न हो सकने के कारण मौत के मुूॅह में समा गये, कितने छात्र- छात्राओं की षिक्षा बाधित हुई, बहुत से छोटे उद्योग धंधे बन्द हो गये, बाजार में निराषा छायी रही, और आज 2 साल बाद यह बताया जा रहा है कि 00.07 प्रतिशत ही धन नहीं जमा हुआ है, अर्थात 1 कम या तो कालाधन था, या फिर किन्हीं कारणों से जमा नहीं हो सका।