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कर्नाटक विवाद के विरोध कांग्रेस ने फूंका अमित शाह का पुतला, कल प्रदेशभर में प्रदर्शन

कर्नाटक विवाद को लेकर राजधानी लखनऊ में कांग्रेस ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का पुतला फेंका। कल प्रदेशभर में प्रदर्शन...

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लखनऊ. कर्नाटक विवाद को लेकर राजधानी लखनऊ में कांग्रेस ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का पुतला फेंका। कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि कर्नाटक में संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए अलोकतांत्रिक तरीके से भारतीय जनता पार्टी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दबाव में राज्यपाल द्वारा भाजपा सरकार को शपथ ग्रहण कराये जाने के विरोध में ये प्रदर्शन हुआ। इसमें पूर्व मंत्री रामकृष्ण द्विवेदी, एमएलसी दीपक सिंह, पूर्व मंत्री राजबहादुर, पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक सतीश अजमानी, वीरेन्द्र मदान समेत तमाम कांग्रेसी शामिल हुए।

वहीं शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिला/शहर कांग्रेस कमेटियों द्वारा धरना दिया जायेगा। राजधानी लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के नेतृत्व में ये धरना होगा।

राज्यपाल पर लगाए गंभीर आरोप

महिला कांग्रेस की प्रदेश मीडिया कन्वीनर शुचि विश्वास का कहना है कि कर्नाटक गवर्नर ने बीजेपी को सरकार बनाने का निमंत्रण देकर अपने आकाओं के प्रति अपनी वफादारी सिद्ध की है। यह लोकतंत्र की हत्या की दिशा में एक जघन्य अपराध है। मोदी सरकार की विभिन्न राज्यों में सरकार बनाने की प्रारंभ से ही व्याकुलता के चलते वह मात्र बहुराष्ट्रीय चुनाव प्रचार मंत्री का ही दायित्व निर्वहन कर रहे हैं। अपने 4 साल के कार्यकाल के दौरान देश को गरीबी भुखमरी बेरोजगारी धार्मिक उन्माद और हिंसा के गर्त में ले जा रहे हैं। चाहे गुजरात हो या हिमाचल गोवा मणिपुर मेघालय या त्रिपुरा या फिर बिहार का गठबंधन तोड़कर पुनः नीतीश जी के साथ सरकार बनाना उन्होंने हर मोर्चे पर खरीद फरोख्त कर सत्ता प्रबंधन और व्यवसायिक गठजोड़ का जो उदाहरण भारत देश के सामने उत्पन्न किया है उसने हमारी संवैधानिक मर्यादाओं को ध्वस्त कर दिया है।

बीजेपी की मंशा पर उठाए सवाल

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के गठबन्धन को पूर्ण बहुमत होने एवं भाजपा की कम सीट होने के बावजूद राज्यपाल द्वारा भाजपा को सरकार बनाने एवं शपथ ग्रहण कराये जाने का निर्णय अलोकतांत्रिक और गैर कानूनी है। कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी को 38 प्रतिशत मत एवं भाजपा को 36 प्रतिशत मत मिला है। लेकिन जिस प्रकार ऐन-केन-प्रकारेण सरकार बनाने और खरीद-फरोख्त को खुलेआम अंजाम दिया गया, जिसे पूरा देश देख रहा है, शर्मनाक है। इसके पूर्व गोवा, मणिपुर एवं मेघालय में कांग्रेस पार्टी के सिंगल लार्जेस्ट पार्टी होने के बावजूद भाजपा के गठबन्धन को सरकार बनाने के लिए वहां के राज्यपालों द्वारा आमंत्रित किया गया।