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तेज धमाके से फटा सिलेंडर,छीन गया बसेरा, ट्रामा सेंटर में चल रहा घायलों का इलाज 

लखनऊ के चौक थानान्तर्गत कंकड़ कुआं क्षेत्र में सिलेंडर की पाइप ढीली होने की वजह से आग लगी और उसके बाद हुआ तेज धमाका जिससे दो मंजिला मकान गिर गया और चार लोग मलबे में दब गए। मौके पर पहुंची चौक पुलिस ने ट्रामा सेंटर में घायलों को भर्ती कराया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 29, 2024

Lucknow Gas Cylinder Blast

पुराने लखनऊ के थाना चौक गाजी मंडी कंकड़ कुआं क्षेत्र में घर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में रिसाव से लगी आग के दौरान गैस सिलेंडर फट गया, जिससे दो मंजिला मकान ढह गया। छत के मलबे में के नीचे एक बच्चा समेत चार लोग दब गए, जिन्हें क्षेत्रीय लोगों ने मलबे से बाहर निकाला और चौक पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों की मदद से घायलों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया, जहां घायलों का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

सिलेंडर की पाइप ढ़ीली होने की वजह से लगी आग 

क्षेत्रीय लोगों के अनुसार 232/44 कंकड़ कुआं थाना चौक निवासी सुरेश कश्यप की पत्नी पिंकी रविवार सुबह करीब 11.40 बजे रसोई में खाना बना रही थी, उसी समय पाइप ढीली  होने के कारण सिलेंडर में आग लग गई। वह घबराकर बाहर भागी और देखते ही देखते सिलेंडर की आग फैल गई और सिलेंडर फट गया। सिलेंडर फटने का धमाका इतना तेज था कि दो मंजिला भवन भरभराकर ढह गया, उसके मलबे में एक ही परिवार के बच्चे सहित चार लोग दब गए। 

 मलबे में फंसने के कारण हुए घायल 

चौक फायर स्टेशन से दो दमकल और चौक थाना प्रभारी नागेश उपाध्याय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फायर कर्मी और पुलिसकर्मियों ने मिलकर अग्निशमन कार्य शुरू किया और धीरे-धीरे मलबे में फंसे राजकुमार कश्यप (52) पुत्र रामलाल कश्यप, पिंकी (38) पत्नी सुरेश कश्यप, सुभाष कश्यप की 1 वर्ष की बेटी विदिशा व जगदीश (70) पुत्र शालिग्राम कश्यप को किसी तरह बाहर निकाला गया। ये सभी लोग मलबे में फंसने के कारण घायल हो गये थे। पुलिस ने घायलों को ट्रामा सेंटर भेजा जहां उनका इलाज चल रहा है। 

केजीएमयू प्रशासन कर रहा देखभाल  

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर के अनुसार हादसे में घायल तीन लोगों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है, उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। कोई गंभीर रूप से घायल नहीं है। सामान्य चोटों को देखते हुए स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

परिवार का छिन गया बसेरा 

अचानक  हुई इस घटना ने  परिवार के सिर से छत छिन गयी है। परिवार के आगे गृहस्थी का संकट खड़ा हो गया है। ना तो उनके पास कुछ खाने को है और ना ही उनके समक्ष सिर छिपाने का आसरा है।  क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि परिवार के जो लोग अस्पताल में नहीं हैं उनकी देखभाल  क्षेत्रीय लोग कर रहे हैं। क्षेत्रीय नेता जिला प्रशासन से भी उन्हें मदद दिलाने का आश्वासन दे रहे हैं। कई अधिकारी मौके पर पहुंचे थे जो क्षेत्रीय लोगों से पीड़ित  परिवार को मदद का आश्वासन देकर ढांढस बंधा रहे हैं।