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रिक्शे पर लाश, इंसानियत हुई शर्मशार

locationलखनऊPublished: Sep 01, 2017 06:29:26 pm

Submitted by:

Ashish Pandey

हैरत की बात यह रही कि किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को इस तरह रिक्शे में लाश को ले जाने पर शर्म नहीं आई है।

 

Deadbody on rickshaw
Deadbody on rickshaw
हमीरपुर. उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जि़ले में इंसानियत को शर्मसार करने वाले मामले में एक महिला की सील लाश को शव वाहन नहीं मिला तो परिजन महिला की लाश को रिक्शे में लाद कर कई किलो मीटर दूर पोस्टमार्टम हाउस ले गए।
अस्पताल के पोस्टमार्टम हाऊस से पीएम हाऊस के इस रास्ते में शहर का मुख्य बाज़ार, डीएम कार्यालय, एसपी कार्यालय, बस स्टैंड, पुलिस लाइन आदि सरकारी कार्यालय के सामने से रिक्शे में लाश का सफर जारी रहा और किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को इस तरह रिक्शे में लाश को ले जाने पर शर्म नहीं आई है।
गुरुवार शाम मौदहा थाने के गुरदहा गाँव में एक नव विवाहिता महिला ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी। स्थानीय पुलिस ने रात में ही लाश को शील मोहर कर जि़ला अस्पताल में रखवा दिया था। सुबह काफी देर तक इंतज़ार करने के बाद भी जब जि़ला अस्पताल से शव वाहन नहीं उपलब्ध कराया गया तो मजबूर होकर परिजन महिला की लाश को रिक्शे में लाद कर जि़ला अस्पताल से पोस्टमार्टम हाउस ले कर आए?।
मानवता को शर्मशार कर देने वाला ये शर्मनाक वीडियो देख कर लोगों को अब जिला प्रशासन से उम्मीद छोड़ देनी चाहिए इससे ज्यादा और क्या शर्म की बात हो सकती है कि जिला प्रशासन की नाक के नीचे इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं और जिला प्रशासन आँखें मूंदे हुए सब तमाशा देख रहा है। जबकि ये पहला मामला नहीं है।
इससे पहले भी इस अस्पताल से कई दफा ऐसी घटनाएं होती रही हैं, जिस पर हमेशा से ही जिला प्रशासन को अवगत भी कराया जाता रहा है। जब कि जिले में शव वाहन एक नहीं कई शव वाहन उपलब्ध हैं, उसके बाद भी उसका इस्तेमाल नहीं क्या जाता है और इस प्रकार की घटनाएं बराबर सामने आ रही हैं। इन घटनाओं की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। मृतक के परिजनों का कहना है कि वह सुबह से शव वाहन का इंतज़ार करते रहे दो तीन घण्टे इंतज़ार के बाद भी शव वाहन नहीं आया तो मजबूरी में उन्हें शव को रिक्शे में लाद कर पोस्टमार्टम हाउस ले कर जाना पड़ा।

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