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Delhi Blast : दिल्ली ब्लास्ट से यूपी में मची चीख-पुकार, 4 शहर से 5 अर्थियां उठीं, दो दोस्तों के चीथड़े उड़े

Delhi Blast : दिल्ली ब्लास्ट में यूपी के 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दो दोस्त भी शामिल हैं। दोनों शाम को मिलने के लिए दिल्ली में लालकिला मेट्रो स्टेशन पर गए हुए थे।
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लखनऊ

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Avaneesh Kumar Mishra

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Updated: 12 Nov 2025, 8:42 AM IST

दिल्ली ब्लॉस्ट में यूपी के 5 लोगों की मौत, PC- Patrika

लखनऊ : दिल्ली ब्लास्ट में यूपी के 5 लोगों की जान गई। वहीं 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मरने वालों में अमरोहा के रहने वाले अशोक सिंह और लोकेश अग्रवाल की जान चली गई। दोनों दोस्त थे। लोकेश अग्रवाल ने अशोक सिंह को मेट्रो स्टेशन पर मिलने के लिए बुलाया था। अशोक दिल्ली परिवहन निगम में नौकरी करते थे और लोकेश खाद कारोबारी थे।

मेरठ के मोहसिन (32), श्रावस्ती के दिनेश कुमार (32) और शामली के नौमान की विस्फोट में मौत हो गई। दिनेश और मोहसिन दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे। वहीं दिल्ली ब्लॉस्ट में अब मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। नौमान दिल्ली से सामान खऱीदने गया था। अमरोहा के रहने वाले लोकेश अपनी समधन को देखने दिल्ली सर गंगाराम अस्पताल में गए हुए थे।

अशोक के परिजन कर रहे विरोध-प्रदर्शन

अशोक के परिजन अमरोहा में सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि परिवार को मुआवजा मिले। पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। प्रदर्शन की सूचना पर SDM पुष्कर नाथ चौधरी मौके पर पहुंचे। इस दौरान परिजनों और प्रशासनिक अधिकारियों में तीखी बहस हो गई। प्रशासन के समझाने के बाद परिजन मान गए और शव का अंतिम संस्कार करने के लिए ले गए।

वहीं घायलों में देवरिया के रहने वाले शिवा जायसवाल, आगरा के पप्पू और गाजियाबाद के मोहम्मद दाउद ब्लास्ट में घायल हुए हैं। तीनों का LNJP अस्पताल में इलाज चल रहा है। इधर, सीएम योगी ने कहा कि अफसर फील्ड में उतरें और कोई भी संदिग्ध बचने न पाए।

अशोक सिंह DTC में थे कार्यरत

अशोक सिंह पिछले 9 वर्षों से दिल्ली परिवहन निगम (DTC) बस में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। वे पिछले 3 वर्षों से दिल्ली के जगतपुर इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे। दिवाली के अवसर पर वे अपने पैतृक गांव मंगरोला (अमरोहा जिले के हसनपुर तहसील) लौटे थे। उनके परिवार में पत्नी सोनम, 3 वर्षीय बेटा आरंभ, तथा 8 वर्षीय बेटी आरोही और 5 वर्षीय बेटी काव्या शामिल हैं। उनके बड़े भाई सुभाष खेती-बाड़ी का काम संभालते हैं। वहीं, उनकी 65 वर्षीय मां सोमवती हृदय रोग से पीड़ित हैं।

लोकेश समधन को मिलने गए थे अस्पताल

लोकेश अग्रवाल अपनी समधन को देखने के लिए दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल पहुंचे थे। शाम के समय उन्होंने अपने मित्र अशोक को फोन कर मिलने के लिए बुलाया। लोकेश मेट्रो से उतर रहे थे, जबकि अशोक उन्हें लेने आ गए थे। जैसे ही दोनों लाल किले के पास कार में सवार हुए, विस्फोट हो गया। दिल्ली पुलिस ने लोकेश के मोबाइल से उनके रिश्तेदार संदीप अग्रवाल को संपर्क किया, जिन्होंने उनकी पहचान की। लोकेश की पत्नी का निधन 5 वर्ष पूर्व हो चुका था। उनके परिवार में दो बेटे सौरभ (जो साइंटिस्ट हैं और देहरादून में पत्नी के साथ रहते हैं) तथा गौरव (इलेक्ट्रिकल इंजीनियर)—और एक बेटी दिव्या है, जिनकी शादी बिजनौर में हुई है।

प्रिटिंग प्रेस में काम करते थे दिनेश

दिनेश कुमार उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के गणेशपुर गांव के निवासी थे। वे दिल्ली में एक प्रिंटिंग प्रेस में कार्यरत थे। उनकी शादी 10 वर्ष पूर्व रीना देवी से हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं 8 वर्षीय हिमांशु, 7 वर्षीय बिट्टा और 4 वर्षीय सृष्टि। पत्नी रीना देवी ने बताया, 'वे 10-12 वर्षों से दिल्ली में रह रहे थे। मात्र 10 दिन पूर्व ही वे घर से दिल्ली लौटे थे। अब बच्चों का पालन-पोषण कैसे करूं?' वहीं, उनके पिता भूरे ने कहा कि टीवी पर बम विस्फोट की खबर देखी। दिनेश का फोन बंद आने पर चिंता हुई, और बाद में पता चला कि मृतकों में वे भी शामिल हैं।

कास्मेटिक का सामान लेने गया था नौमान

नौमान शामली जिले के झिंझाना कस्बे का निवासी था। यहां वह कॉस्मेटिक्स की दुकान चलाता था। सोमवार को वह अपने भाई अमन के साथ दुकान का सामान खरीदने दिल्ली आया था। पार्किंग में कार खड़ी करने के बाद दोनों भाई सड़क पार कर रहे थे, तभी धमाका हो गया। नौमान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अमन गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

मोहसिन ई-रिक्शा चलाने का करता था काम

मोहसिन उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के लोहियानगर थाना क्षेत्र के न्यू इस्लामनगर (गली नंबर-28) का निवासी था। वह पिछले दो वर्षों से दिल्ली में रह रहा था और जामा मस्जिद के पास पत्ता मोहल्ले में किराए के मकान में ठहरा था। मोहसिन ई-रिक्शा चलाने का काम करता था। उसके परिवार में पत्नी सुल्ताना, 10 वर्षीय बेटी हिफजा और 8 वर्षीय बेटा आहद हैं। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां संजीदा बेहोश हो गईं। उन्होंने कहा, 'मैंने बेटे को दिल्ली जाने से रोका था, लेकिन वह बच्चों की पढ़ाई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए गया था।'