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जिलाधिकारी से रिहायशी इलाके मे मोबाईल टावर रुकवाने की गुहार

सकरी गली मे टावर कैसे लगाया जा सकता है जब की भवन जर्जर है

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जिलाधिकारी से रिहायशी इलाके मे मोबाईल टावर रुकवाने की गुहार

लखनऊ. राजधानी मे मोबाईल कंपनियों ने मोबाइल टावर जगह-जगह लगाकर जन स्वास्थ के साथ खिलवाड़ करना शुरु कर दिया है। गणेश गंज वार्ड नंबर 84 स्थिति हरीनगर दुगावा के निवासियों ने इलाके मे एक कंपनी के टावर का काम रुकवाने के लिये जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग की है कि टावर से निकलने वाली किरणों से बुजुर्ग बच्चों के स्वास्थ्य खराब होने का अंदेशा है। सकरी गली मे टावर कैसे लगाया जा सकता है जब की भवन जर्जर है। आंधी तूफान आने पर अगर टावर गिरा, तो बड़ी जान माल का खतरा हो सकता है। लिहाजा कंपनी मानकों के विपरीत कार्य कर के अपनी मनमानी कर रही है। इसे तुरंत रोका जाए।

बता दें कि हरीनगर दुगावा में राजीव राजू रस्तोगी 149/102 हरीनगर दुगावा अपने पुराने जर्जर मकान की छत पर एक टावर लगवा रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जर्जर मकान व रिहायशी इलाके मे टावर लगाने की अनुमति बिना जांच के कैसे दी गयी। यह भी जाच का विषय है। दोषी लोगो के खिलाफ कङी कार्यवाही की जानी चाहिये। जिलाधिकारी के आलावा शिकायती पत्र मुख्यमंत्री, राज्यपाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,तथा नगर आयुक्त एव एस एस पी लखनऊ को भेजा गया है।

सेहत पर बुरा असर

गणेश गंज की रहने वाली मृणालिनी का कहना है कि पुराने लखनऊ में ज्यादातर जर्जर घर हैं। हर घर में कोई न कोई एक सिनीयर सिटिजन रहता है। इनमें कुछ अस्थमा के पेशेंट्स हैं। ऐसे में मोबाइल कंपनी के टावर से निकलने वाले रेडिएशन इनके लिए खतरनाक हैं।

शिकायत करने पर मिली निराशा

उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत भी की गयी थी लेकिन कोई मदद नहीं मिली। डीएम को भी शिकायत की गयी है लेकिन इस सिलसिले में किसी तरह की रिटेन नोटिस नहीं मिली है। हालांकि, बात को टालने के लिए यह जरूर कह दिया गया था कि 7 दिनों तक टावर का कोई काम नहीं होगा लेकिन अगले ही दिन से दोबारा काम शुरू कर दिया गया।मृणालिनी ने बताया कि पुलिस को फोन कर सारी जानकारी देने पर उनसे भी किसी तरह की कोई मदद नहीं मिल सकी।