
IPS मंजिल सैनी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है।
आईपीएस मंजिल सैनी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए लखनऊ बुलाया गया है। शासन ने एडीजी इंटेलीजेंस भगवान स्वरूप को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। यह जांच सीबीआई की सिफारिश पर हो रही है। मंजिल सैनी को वर्ष 2017 में लखनऊ में हुए श्रवण साहू हत्याकांड की जांच के दौरान सीबीआई ने मंजिल सैनी को लापरवाही के लिए दोषी पाया था।
मंजिल सैनी वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नेशनल सेक्योरिटी गार्ड्स (एनएसजी) के मुख्यालय में नई दिल्ली में डीआईजी पद पर तैनात हैं। श्रवण साहू की हत्या के समय वह लखनऊ में एसएसपी के पद पर कार्यरत थीं। लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के दाल मंडी के रहने वाले श्रवण साहू लगातार अपनी हत्या की आशंका जता रहे थे।
श्रवण को मिल रही थी जान से मारने की धमकी
उन्होंने लखनऊ के तत्कालीन पुलिस अफसरों से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया। एक फरवरी 2017 को उनकी हत्या कर दी गई। वह अपने बेटे के हत्यारोपियों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट में पैरवी कर रहे थे। इस कारण उन्हें भी जान से मार देने की धमकी दी जा रही थी।
एडीजी इंटेलीजेंस ने शुरू की जांच
एडीजी इंटेलीजेंस भगवान स्वरूप ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने हुसैनगंज थाना क्षेत्र के दिलकुशा प्लाजा निवासी संजय त्रिपाठी को रविवार को बयान दर्ज कराने के लिए कार्यालय में बुलाया था। इसमें कहा गया है कि सीबीआई की संस्तुति के आधार पर शासन ने उन्हें जांच अधिकारी और अयोध्या के एसपी इंटेलीजेंस संजीव त्यागी को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नामित किया है।
सीबीआई ने नौ मार्च 2021 को भेजी थी रिपोर्ट
सीबीआई ने नौ मार्च 2021 को शासन को भेजी गई अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी के विरुद्ध विभागीय जांच की थी। जांच रिपोर्ट में सीबीआई ने उन्हें श्रवण साहू को सुरक्षा मुहैया कराने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
Updated on:
25 Jun 2023 09:23 pm
Published on:
25 Jun 2023 09:22 pm
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