
Police Blue Beacon
लखनऊ. उत्तर प्रदेश महानिदेशक (डीजीपी) सुलखान सिंह के आदेश के बाद यूपी में अब पुलिस अधिकारी अपनी गाड़ी पर नीली बत्ती नहीं लगा सकेंगे। प्रदेश सरकार पहले ही वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए विशेष रूप से नीली और लाल रंग की बत्ती के इस्तेमाल पर रोक लगा चुकी है। लेकिन पुलिस व पुलिस अधिकारियों को इससे दूर रखा गया था। हालांकि यूपी डीजीपी सुलखान सिंह ने ट्रैफिक के नियमों का हवालों देते हुए सभी पुलिस अधिकारियों को पत्र जारी कर नीली बत्ती के संबंध में एक निर्देश जारी किया है।
डीजीपी ने बताई ये वज़ह
डीजीपी सुलखान सिंह ने अपर पुलिस महानिदेशक यातायात को लाल और नीली बत्ती के दुरूपयोग को रोकने के लिए निर्देश दिया है। इसके पीछे केंद्रीय मोटरयान अधिनियम में हुए नए संशोधन को कारण बताया गया है। नए संशोधन के अनुसार किसी भी वाहन के अगले हिस्से पर लाल व नीली बत्ती को प्रयोग करना ट्रैफिक नियमों को तोड़ना माना जाएगा। इस लेटर की प्रति सभी पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक, आईजी, डीआईजी, एसएसपी, एसपी और परिवहन आयुक्त को भेजी गई है। साथ ही नीली बत्ती की जगह फ्लेसर लाइट लगाने के लिए कहा गया है।
नीली बत्ती नहीं "फ्लेसर लाइट" का होगा इस्तेमाल
डीजीपी के निर्देश के अनुसार अब यूपी में राजपत्रित व अराजपत्रित पुलिस अधिकारियों की गांड़ी पर नीली बत्ती का प्रयोग नहीं होगा। इसकी जगह बहुरंगी बत्तियां यानी फ्लेसर लाइट का प्रयोग करना होगा। राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की गाड़ी पर 300 मिली मीटर लंबी बहुरंगी बत्तियां मानक के अनुरूप में लगाए जाने के निर्देश हुए हैं। वहीं अराजपत्रित पुलिस अधिकारियों, यूपी 100, आपात सेवा में शामिल वाहनों पर 1200 मिली मीटर लंबी फ्लेसर लाइट लगाई जाएगी।
Published on:
26 Oct 2017 01:19 pm
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