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world diabetes day 2017 : चमकदार फलों से बढ़ रहा डायबिटीज का खतरा, जानें- लक्षण-कारण-उपचार और बचाव के तरीके

world diabetes day 2017 : डायबिटीज से दुनिया में आज हर छह सेकेंड में एक डायबिटिक पेशेंट की मौत हो रही है।

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Nov 14, 2017

Diabetes Symptom

लखनऊ. आज यानी 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस (World Diabetes Day) है। मधुमेह यानी डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, जो खानपान में असावधानी व अव्यवस्थित जीवनशैली का परिणाम है। इस गंभीर बीमारी के चलते दुनिया में आज हर छह सेकेंड में एक डायबिटिक पेशेंट की मौत हो रही है, वहीं हर सेकेंड किसी न किसी डायबिटीज पेशेंट को अपना पैर कटवाना पड़ता है। रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (आरएसएसडीआई) डॉ. अनुज माहेश्वरी कहते हैं कि डायबिटीज का मतलब जीवन खत्म हो जाना नहीं हो होता है। सही उपचार और बीमारी से लड़ने के जज्बे के चलते इस बीमारी को काबू में रखा जा सकता है।

रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (RSSDI) के शोध में सामने आया है कि डायबिटीज महिलाओं में तेजी से फैल रहा है। आंकड़े बताते हैं पूरी दुनिया में हर साल diabetes से करीब 20 लाख महिलाओं की मौत होती है। पिछले 15 वर्षों में डायबिटीज मरीजों की संख्या देश में दोगुनी होगी। वर्ष 2001 में जहां डायबिटीज पेशेंट्स की संख्या 3.10 लाख थी, वहीं 2017 में यह आंकड़ा 6.22 लाख पहुंच गया।

आरएसएसडीआई के सचिव व केजीएमयू (KGMU) के प्रो. नरसिंह वर्मा ने बताया कि इस वर्ष की थीम है वूमन एंड डायबिटीज- अवर राइट टू अ हेल्दी फ्यूचर (Women and Diabetes - Our Right to a Healthy Future)। इस थीम के तहत RSSDI मधुमेह विजय अभियान चलाएगा, जिसके तहत स्कूलों-कॉलेजों में किशोरियों को खानपान व जीवनशैली को लेकर जागरूक किया जाएगा। प्रो. नरसिंह वर्मा ने मधुमेह दिवस की पूर्व संध्या पर डायबिटीज के लक्षण, उपचार और बचाव के तरीकों पर फोकस डाला। आइए जानते हैं कि हम खुद को और अपने परिवार को डायबिटीज से कैसे दूर रख सकते हैं।

खुद जानें डायबिटीक हैं या नहीं
एसजीपीजीआई (SGPGI) के प्रो. सुशील गुप्ता की मानें तो diabetes अपने साथ हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक जैसी कई बीमारियों को लेकर आती है। इसलिए समय रहते सावधान हो जाने की जरूरत है। ऐसे में खुद चेक करें कि कहीं आप धीरे-धीरे डायबिटीज का शिकार तो नहीं होते जा रहे हैं। ऐसे चेक करें डायबिटीज-
- खाली पेट ब्लड शुगर- 70 से 110 मिलीग्राम/डेसीली.
- खाने के बाद ब्लड शुगर- 200 मिलीग्राम/डेसीली. से क्म
- ब्लड प्रेशर- 130/80 मिलीग्राम/डेसीली.
- एलडीएल कोलेस्ट्रॉल- 100 मिलीग्राम/डेसीली. से कम
- एबीए1सी- 65 प्रतिशत से कम
- यूरिन माइक्राएलब्यूमिन- निगेटिव

लक्षणों से पहचानें
- बार-बार पेशाब आना
- आंखों की रोशनी कम होना
- शरीर में भारीपन महसूस होना
- त्वचा में संक्रमण
- फोड़े-फुंसी का होना
- हाथ-पैर या गुप्तांगों पर खुजली होने पर जख्म होना
- चोट लगने पर जल्दी ठीक न होना

ऐसे कंट्रोल करें डायबिटीज
- खानपान को लेकर सतर्क रहें, हेल्दी डाइट चार्ट फॉलो करें
- नियमित तौर पर व्यायाम करें
- दिन भर में कम से कम 10 हजार कदम चलें
- सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की एक्सरसाइज जरूर करें

डायबिटिक पेशेंट रखें ध्यान
डायबिटीज पेशेंट्स को इलाज के साथ-साथ कुछ सावधानियां रखने की जरूरत है।
- मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति नंगे पैर चलने से परहेज करें
- पैरों को गुनगुने पानी और साबुन से नियमित तौर पर धोएं
- पैरों और उंगलियों के बीच की जगह को रोजाना अच्छे से साफ करते रहें
- मॉश्चराइजर लगाकर पैरों को मुलायम बनाकर रखें
- घाव, सूजन या संक्रमण होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं
- आरामदायक जूते पहनें
- सर्दियों में आग तापने से बचें
- दूध से परहेज करें, क्योंकि इससे गैस बनती है जो डायबिटिक पेशेंट के लिए ठीक नहीं है

महिलाएं विशेष ध्यान रखें
आंकड़े बताते हैं कि डायबिटीज से महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा है। खासकर गर्भावस्था के दौरान जांच कराना बेहद जरूरी है। डायबिटीज की चपेट में आने वाली महिलाओं का असर उनके शिशुओं पर भी पड़ता है। जिसके चलते बच्चों में जन्मजात विकृत्तियां जैसे- सिर का न बनना, रीढ़ की हड्डी, गुर्दे आदि में समस्या आ जाती है। इसके अलावा बच्चों में 'हाईपोग्लाईसीमिया' (कम शुगर) हो जाती है, जिसके कारण नवजात बच्चों को झटके आने लगते हैं। ऐसे में महिलाओं को गर्भधारण से पहले जांच कराना जरूरी है। गर्भवती महिलाएं डायबिटीज से खुद की और अपने नवजात की रक्षा ऐसे करें-
- प्रेग्नेंट होने के बाद नियमित तौर पर डायबिटीज की जांच कराते रहें
- डायबिटिक पेशेंट का प्रसव सरकारी अस्पताल में ही कराएं
- नियमित रूप से डायबिटीज विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेते रहें
- खानपान और इलाज में लापरवाही कतई न बरतें
- नियमित व्यायाम करें
- जंक फूड से परहेज करें
- प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी तरह का तनाव न लें

चमकदार फलों से बढ़ रहा डायबिटीज का खतरा
आरएसएसडीआई के सचिव व केजीएमयू (KGMU) के प्रो. नरसिंह वर्मा ने की मानें तो बाजार में मौजूद चमकदार फलों से लोगों में डायबिटीज का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आजकल मॉल्स या बाजारों में बिकने वाले चमकदार फलों की ओर लोग ज्यादा आकर्षित होते हैं। ऐसे अनाज और फल आपकी सेहत के दुश्मन होते हैं। इन फलों/अनाज को कैमिकल व पॉलिश से चमकाया जाता है, जो शरीर के अंगों को भीतर से खोखला कर रही हैं। ऐसे फलों/अनाज के सेवन से लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए फलों की खूबसूरती पर न जाएं, देख-परखकर ही फल खरीदें।

डायबिटिक पेशेंट इनका करें सेवन
फल : अमरूद, आंवला, नींबू, जामुन, संतरा, पपीता
सब्जियां : टमाटर, पत्तागोभी, फूलगोभी, गाजर, मूली, पालक, भिंडी, खीरा, शलजम, कद्दू, शिमला मिर्च, मेथी, मूली, बथुआ, करेला, कद्दू, कच्चे केले
डाइट में इसे भी शामिल करें : दलिया, चोकर युक्त आटा, लहसुन, दालचीनी, ग्रीन टी, प्लेन छाछ, टोंड मिल्क आदि अपनी डाइट में शामिल करें।