
गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में पाच कंपनियों को ईडी का नोटिस
लखनऊ. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में पांच कंपनियों को समन जारी किया है। यह पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक था। इसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह महीने पहले सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
इन कंपनियों को भेजा गया समन
इस मामले में ईडी ने कंपनियों की डीटेल रिपोर्ट तैयार कर इन कंपनियों को समन भेजा है। जिन कंपनियों को ईडी ने समन जारी किया है उनके नाम हैं
ईडी की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि जिन कंपनियों को ठेके की राशि नहीं दी जानी थी, उन कंपनियों को ज्यादा भुगतान किया गया है। गैमन कंपनी कई राज्यों में ब्लैक लिस्टेड है। इसके बाद भी इसे दो टेंडर दिए गए, वह भी ऊंचे रेट 665 करोड़ पर। केके स्पून कंपनी को टेंडर का काम दिया गया जबकि यह कंपनी तमाम बेसिक योग्यताओं को पूरा नहीं कर सकी। इस कंपनी को टेंडर पहले दिया गया था लेकिन इसे सिंचाई विभाग में पंजीकृत बाद में किया गया। ईडी रिपोर्ट के मुताबिक कुछ कंपनियों को ज्यादा भुगतान किया गया था, तो वहीं कुछ को भुगतान किया ही नहीं गया। लेकिन सबसे ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट भुगतान तराई कंस्ट्रक्शन कंपनी को किया गया था। इस संबंध में सपा सरकार के दौरान विभाग से जुड़े अधिकारियों और मंत्रियों को समन भेजकर बुलाया जाएगा।
गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में इससे पहले योगी सरकार ने 110 पेज की रिपोर्ट तैयार कर मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। अखिलेश यादव के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का अमाउंट फरवरी 2015 में 747 करोड़ था लेकिन आठ महीने बाद इसका अमाुंट बढ़ कर 1990 करोड़ हो गया। यह पैसा कैसे बढ़ इस मामले में योगी सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
Published on:
11 Sept 2018 03:02 pm
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