
Bomb Call
लखनऊ. राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में नामी कैम्ब्रिज स्कूल में बम होने की सूचना पर पुलिस व स्कूल प्रशासन में हड़कप मच गया। बम की सूचना मिलने के वक्त स्कूल के अंदर करीब 600 छात्र-छात्राएं और करीब 35 टीचर व स्कूल से जुड़े अन्य कर्मचारी मौजूद थे। सुबह के वक्त स्कूल में बम होने की सूचना पुलिस को इमरजेंसी नंबर 100 पर मिली थी। इसके बाद पुलिस फोर्स, बम स्क्वॉयड, डॉग स्क्वॉयड समेत अन्य मौके पर पहुंच गए। पूरे स्कूल परिसर को खाली करा बम बरामद करने के लिए संघनन तलाशी ली गई। बाद में पता चला कि स्कूल के ही एक बच्चे ने दूसरे बच्चों को जान खतरे में डालने वाला कॉल किया था।
छात्र ने खतरे में डाल दी दूसरे बच्चों की जान
कैम्ब्रिज स्कूल में बम की सूचना मिलते ही पुलिस ने प्रबंधन नीलिमा दास को सूचित किया गया। ताकि वह पुलिस के पहुंचने तक बच्चों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई करें। बम की सूचना मिलते ही टीचर्स को अलर्ट किया गया। आनन-फानन में बच्चों क्लास रूम से निकाला जाना शुरु हुआ। इसी बीच पुलिस टीम व बम स्क्वॉयड, डॉग स्क्वॉयड घटना स्थल पर पहुंचकर स्कूल के चप्पे-चप्पे में तलाशी शुरु कर दी। लेकिन पुलिस को तलाशी के दौरान परिसर में कुछ भी नहीं मिला।
इसी बीच पुलिस बम की सूचना देने वाले नंबर को ट्रेस कर उस तक पहुंच गई। यह नंबर एकतानगर के कनौसी में रहने वाले एक रेलवेकर्मी का था। इस नंबर का इस्तेमाल उनकी पत्नी करती हैं। पड़ताल में पता चला कि उनके बेटे ने ही स्कूल में बम होने की सूचना दी और फोन बंद कर स्कूल चला गया।
स्कूल में छुट्टी कराने के लिए दी बम की सूचना
पुलिस पूछताछ में पता चला कि रेलवेकर्मी का सबसे छोटा बेटा कैम्ब्रिज स्कूल पढ़ता है। वह सुबह स्कूल नहीं जाना चाहता था। पिता ने उसे डाट कर स्कूल जाने के लिए कहा। इसलिए उसने स्कूल जाने से पहले अपनी मां के फोन से 100 नंबर पर फोन कर बम की सूचना दी। इसके बाद फोन बंद कर स्कूल चला गया। उसे लगा कि बम की सूचना मिलते ही स्कूल में छुट्टी हो जाएगी। यह सब सुनकर बच्चे के
Updated on:
31 Aug 2017 02:10 pm
Published on:
31 Aug 2017 01:19 pm
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