
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में पार्टी सुप्रीमो मायावती ने आंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की और इस अवसर पर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बहुजन समाज को एकजुट होने का आह्वान किया।
मायावती ने कहा, “हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यदि हम वोट की ताकत को समझ लें, तो बाबा साहेब के सपनों का समतामूलक समाज बनाया जा सकता है।” मायावती ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन दोनों ही पार्टियों ने बहुजन समाज को सिर्फ वादों के सहारे रखा, लेकिन आज भी उनकी सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। आरक्षण जैसे संवैधानिक अधिकारों पर भी हमले जारी हैं और बेरोजगारी, गरीबी और शिक्षा की कमी जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
मायावती ने सभी सरकारों से अपील की कि वे जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति से ऊपर उठकर संविधानवादी सोच अपनाएं। उन्होंने कहा, “जब तक सत्ता में बैठे लोग डॉ. आंबेडकर के बताए रास्ते को नहीं अपनाएंगे, तब तक ‘विकसित भारत’ और ‘मेरा भारत महान’ जैसे नारे केवल भाषणों तक सीमित रहेंगे।” मायावती ने कहा कि अब झूठे वादे नहीं चलेंगे।
बीएसपी द्वारा आंबेडकर जयंती पर पूरे प्रदेश और देश के कई हिस्सों में गोष्ठियों, श्रद्धांजलि कार्यक्रमों और माल्यार्पण आयोजनों का आयोजन किया गया। लखनऊ और नोएडा समेत कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब को याद किया और उनके विचारों का प्रचार-प्रसार किया।
आपको बता दें कि इस बार मायावती के निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने युवाओं को विशेष रूप से इन आयोजनों में शामिल किया। कार्यक्रमों में परिवार के साथ भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया ताकि नई पीढ़ी भी आंबेडकर वादी विचारधारा को समझ सके। उन्होंने कहा, “अब बहुजन समाज को अपने भविष्य के लिए खुद आगे आना होगा और बाबा साहेब की राह पर चलते हुए सशक्त भारत के निर्माण में भागीदार बनना होगा।”
मायावती ने मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और बहुजन समाज से अपील की कि वे ऐसी ताकतों से सावधान रहें जो केवल अमीरों के हित में काम करती हैं।
Published on:
14 Apr 2025 03:16 pm
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