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UP में बड़ा बदलाव: अब फार्मर आईडी के बिना नहीं मिलेगा किसानों को योजनाओं का लाभ

Farmer ID Mandatory in UP: उत्तर प्रदेश में अब किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ फार्मर आईडी के आधार पर ही मिलेगा, जबकि 75 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 09, 2026

बचे हुए किसानों के लिए 15 अप्रैल तक विशेष कैंप, सरकार ने लाभ लेने के लिए किसान पहचान पत्र अनिवार्य किया (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

बचे हुए किसानों के लिए 15 अप्रैल तक विशेष कैंप, सरकार ने लाभ लेने के लिए किसान पहचान पत्र अनिवार्य किया (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP Farmer ID: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए योजनाओं के लाभ को अब फॉर्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) से जोड़ दिया है। यानी अब किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी फॉर्मर आईडी दिखाना अनिवार्य होगा। इस पहल का उद्देश्य लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करना और योजनाओं में पारदर्शिता लाना है।

75 प्रतिशत किसानों की फॉर्मर आईडी तैयार

कृषि विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक करीब 75 प्रतिशत किसानों की फॉर्मर आईडी बनाई जा चुकी है। यह प्रक्रिया तेजी से जारी है और सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द सभी पात्र किसानों को इस व्यवस्था से जोड़ा जाए।

अधिकारियों का कहना है कि जिन किसानों की आईडी बन चुकी है, उन्हें अब योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। वहीं, जिनकी आईडी अभी नहीं बनी है, उन्हें जल्द से जल्द पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है।

15 अप्रैल तक विशेष कैंप का आयोजन

सरकार ने शेष किसानों के पंजीकरण के लिए 15 अप्रैल तक विशेष कैंप लगाने का निर्णय लिया है। ये कैंप गांव-गांव और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को नजदीक ही यह सुविधा मिल सके। इन कैंपों में किसान अपनी आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों के साथ पहुंचकर आसानी से अपनी फार्मर आईडी बनवा सकते हैं। इसके लिए राजस्व, कृषि और पंचायत विभाग के कर्मचारी संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं।

क्या है फार्मर आईडी

फार्मर आईडी एक डिजिटल पहचान पत्र है, जिसमें किसान की भूमि, फसल, बैंक खाता और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज होती है। यह एक प्रकार से किसान का संपूर्ण डाटा प्रोफाइल होता है, जिससे सरकार को योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन करने में मदद मिलती है। इस आईडी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही और पात्र किसानों तक पहुंचे और किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा न हो।

योजनाओं में पारदर्शिता लाने की पहल

सरकार का मानना है कि फार्मर आईडी के अनिवार्य होने से योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। पहले कई बार यह शिकायतें सामने आती थीं कि योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है या फर्जी लाभार्थी इसका फायदा उठा रहे हैं। इस नई व्यवस्था से इन समस्याओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।

किसानों को क्या होगा फायदा

फार्मर आईडी बनने से किसानों को कई प्रकार के लाभ मिलेंगे। उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पाने में आसानी होगी, सब्सिडी सीधे उनके खाते में पहुंच सकेगी और उन्हें बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, भविष्य में सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली नई योजनाओं में भी यह आईडी अहम भूमिका निभाएगी।

किसानों को दी जा रही जागरूकता

सरकार द्वारा किसानों को फॉर्मर आईडी के प्रति जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं और किसानों को इस योजना के फायदे बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अधिक से अधिक किसानों को इस प्रक्रिया से जोड़ना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।

अधिकारियों के निर्देश

प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पंजीकरण प्रक्रिया को तेज करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे। साथ ही, कैंपों में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

चुनौतियां भी कम नहीं

हालांकि यह पहल किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और जागरूकता की कमी जैसी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जानकारी की कमी के कारण कुछ किसानों को पंजीकरण में परेशानी हो रही है।