
संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर टिप्पणी को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, कहा-जनता समझ चुकी है दोहरा चरित्र (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
BJP Hits Back, Pankaj Chaudhary Akhilesh Yadav Political Statement: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav द्वारा चुनाव आयोग को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताते हुए संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला करार दिया।
पंकज चौधरी ने कहा कि Election Commission of India जैसी संवैधानिक संस्था पर इस प्रकार की टिप्पणी न केवल अनुचित है, बल्कि यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को कमजोर करने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती का आधार उसकी निष्पक्ष संस्थाएं होती हैं और उन पर सवाल खड़ा करना जनता के विश्वास को डगमगाने जैसा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह बयान लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और देश की संवैधानिक संस्थाओं का अपमान है।
चौधरी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दिनों उन्हें संविधान की याद कुछ ज्यादा ही आ रही है, लेकिन यह चिंता वास्तविक नहीं बल्कि राजनीतिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अध्यक्ष संविधान का नाम लेकर केवल सत्ता प्राप्ति का रास्ता तलाश रहे हैं। दुर्भाग्य यह है कि उनकी नीयत में संविधान के प्रति सच्चा सम्मान नहीं, बल्कि सत्ता पाने की बेचैनी झलक रही है," उन्होंने कहा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जब चुनाव में जीत मिलती है, तो व्यवस्था अच्छी लगती है, लेकिन हार के बाद वही व्यवस्था सवालों के घेरे में आ जाती है। जब चुनाव जीतते हैं तो सब ठीक, और हारते ही चुनाव आयोग पर सवाल उठाना-यह दोहरा चरित्र अब जनता समझ चुकी है," उन्होंने कहा। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब राजनीतिक अवसरवाद को पहचानने लगी है और ऐसे व्यवहार को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
चौधरी ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष की वर्तमान भाषा और आक्रामक रुख यह दर्शाता है कि वे अपनी घटती राजनीतिक पकड़ को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि हाल के चुनावों में सहयोगियों की हार और राजनीतिक भविष्य को लेकर असुरक्षा की भावना उनके बयानों में साफ झलकती है। अपनी खिसकती जमीन से परेशान होकर अब वे लोकतांत्रिक संस्थाओं को भी कटघरे में खड़ा करने से नहीं हिचक रहे हैं," उन्होंने कहा।
पंकज चौधरी ने सपा पर यह आरोप भी लगाया कि वह लगातार चुनाव आयोग, सुरक्षा बलों और जांच एजेंसियों जैसी संस्थाओं को निशाना बनाती रही है। उन्होंने इसे अराजक मानसिकता का परिचायक बताया। उन्होंने कहा,कि एक ओर संविधान की दुहाई देना और दूसरी ओर संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाना—यह विरोधाभास समाजवादी पार्टी की सोच को उजागर करता है।"
भाजपा नेता ने समाजवादी पार्टी की राजनीति को परिवारवाद और तुष्टिकरण से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि यह वही राजनीति है जिसने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों के बजाय व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों को प्राथमिकता दी। सपा की राजनीति हमेशा से सत्ता-स्वार्थ, परिवारवाद और तुष्टिकरण के इर्द-गिर्द रही है," उन्होंने आरोप लगाया।
पंकज चौधरी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता अब इन राजनीतिक तरीकों को पूरी तरह समझ चुकी है और उन्हें नकार रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब विकास, सुशासन, सुरक्षा और राष्ट्रहित की राजनीति के साथ खड़ी है। प्रदेश की जनता अब भ्रम और प्रपंच की राजनीति से ऊपर उठ चुकी है और सकारात्मक विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है," उन्होंने कहा।
अपने बयान में चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में जनता समाजवादी पार्टी की नकारात्मक राजनीति को एक बार फिर खारिज करेगी। उन्होंने कहा कि जनता लोकतंत्र विरोधी और निराशाजनक राजनीति का तीसरी बार भी सफाया करने के लिए तैयार है। प्रदेश की जागरूक जनता सपा की राजनीति को पूरी तरह नकारने का मन बना चुकी है," उन्होंने कहा।
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर भाजपा जहां सपा पर संस्थाओं के अपमान का आरोप लगा रही है, वहीं सपा भी समय-समय पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाती रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह की बयानबाजी और तेज हो सकती है, जिससे सियासी माहौल और गरमाएगा।
Published on:
09 Apr 2026 10:13 am
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