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पति की गैर मौजूदगी में गैर मर्द के साथ संबंध बनाना जायज, ऐसे फतवे पर आपत्ति

जिस्मानी जरूरत को पूरा करने के लिए औरत को दूसरे मर्द के साथ हमबिस्तर होने में गुरेज नहीं है।

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लखनऊ

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Alok Pandey

Mar 06, 2018

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लखनऊ. शौहर का साथ नहीं मिलता है तो जिस्म की जरूरत पूरी करने के लिए गैर मर्द के साथ शारीरिक रिश्ते बनाना गलत नहीं है। ऐसा फतवा जारी होने के बाद हल्ला मच गया है। एक महिला के सवाल पर जारी फतवे में कहा गया है कि यदि शौहर लंबे समय तक घर से दूर रहता है तो जिस्मानी जरूरत को पूरा करने के लिए औरत को दूसरे मर्द के साथ हमबिस्तर होने में गुरेज नहीं है। इस फतवे मुस्लिम बिरादरी और धर्मगुरुओं ने आपत्ति जताते हुए पतन की पराकाष्ठा कहा है।


पड़ोस के मुफ्ती ने दिया फतवा, घर में मचा हल्ला

दरअसल, इस बवाल की जड़ पाकिस्तान के कराची में है। जहां एक मदरसे के मुफ्तियों से एक महिला ने सवाल किया था कि उसका शौहर अरसे से कारोबार के सिलसिले में घर से दूर रहता है। ऐसी सूरत में क्या वह किसी दूसरे मर्द के साथ जिस्मानी रिश्ता बना सकती है। मुफ्तियों ने इस सवाल पर महिला के हक में फैसला सुनाते हुए शौहर का साथ नहीं मिलने पर गैर मर्द के साथ रिश्ता बनाने को जायज ठहरा दिया है। इस फतवे के बाद हिंदुस्तान की मुस्लिम बिरादरी में भी तीखी प्रतिक्रया देखने को मिली है। कानपुर के जाजमऊ की रेशमा खातून कहती हैं कि अव्वल सवाल पूछने वाली की नीयत को परखना चाहिए। इसके साथ ही ऐसा फतवा जारी करने वालों की मंशा पर सवाल उठता है। बेकनगंज की हिना तबस्सुम कहती हैं कि महिला को अपनी आबरू का ख्याल रखना चाहिए था, इसके साथ ही ऐसा फतवा जारी करने वाले मुफ्तियों को शायद इस्लाम का ज्ञान नहीं है।


मुस्लिम धर्मगुरुओं ने फतवा को खारिज किया

फिजूल के फतवे पर आपत्ति जताते हुए देवबंद के उलमा का कहना है कि ऐसा फतवा देने वाले लोग इस्लाम से खारिज हैं। देवबंदी मौलाना मुफ्ती आदम खान कासमी का कहना है कि शरई तौर पर बीवी सिर्फ अपने शौहर के साथ ही संबंध बना सकती है। इसके अलावा किसी गैर मर्द, गैर महरम के साथ उसका उठना बैठना या संबंध बनाना सख्त गुनाह है। लखनऊ की बड़ी मस्जिद के इमाम मौलाना आफताब कहते हैं कि इस्लाम में औरत के लिए लाजिमी है कि वो अपनी आवाज भी किसी गैर मर्द तक पहुंचने से तौबा करें। इसके अलावा शौहर के भाइयों या उसके तमाम रिश्तेदारों से भी उसका पर्दा जायज है। उनका कहना है कि महिला का मर्द को या मर्द का औरत को गलत निगाह से देखना इस्लाम में बड़ा गुनाह माना गया है। साथ ही कहा कि शरीयत में शौहर की गैर मौजूदगी में औरत को अपनी नफस (जज्बात) पर काबू रखने की सख्त हिदायत दी गई है। उन्होंने कहा कि शौहर की गैर मौजूदगी में किसी गैर मर्द के साथ संबंध बनाती है तो उस पर अल्लाह की तरफ से बड़ा अजाब नाजिल होगा। इसी तरह मर्दों के लिए भी यह हुक्म है कि वो ज्यादा दिनों तक बीवियों से दूर न रहें, वरना अल्लाह की सजा के हकदार होंगे।