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पत्रिका स्पेशल: रोलर स्केटर्स के लिए करोड़ों की सौगात, इंटरनेशनल ट्रैक पर दौड़ेंगे देश के बच्चे

दुनियाभर में दर्जनो प्रकार के खेलों की प्रतियोगिताएं होती रहती हैं, जिसमें स्केटिंग का अपना अलग ही स्थान है। इस खेल में भारत अब तक अव्वल रहा है। जिसे देखते हुए भारत के कई राज्यों ने इसको अपने राज्यों में बढ़ावा देना शुरू कर दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार भी खेलो इंडिया के तहत गाँव गाँव से अब खिलाड़ियों को निकालकर उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर प्रमोट करने की तैयारी कर चुकी है। यूपी में डिप्टी डायरेक्टर स्पोर्ट्स एस एस मिश्रा ने पत्रिका से विशेष बातचीत में बताया कि, कैसे यूपी में रोलर स्केटिंग ट्रैक बनाए जा रहे हैं और किस तरह से उन्हें राज्य से अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाया जा रहा है।

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Symbolic Image Roller Skating

भारत सरकार ने 'खेलो इंडिया' अभियान की शुरुआत पहले ही कर चुकी है। जिसे उत्तर प्रदेश में भी तेजी से गाँव गाँव बढ़ावा दिया जा रहा है। खेलों की लंबी लिस्ट में रोलर स्केटिंग को यूपी में अभी तक ज्यादा महत्व नहीं मिल सका था। लेकिन योगी सरकार अब महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उसे बढ़ावा देने की तैयारी कर चुकी है। जिससे कि गांव-गांव में रोलर स्केटिंग को बढ़ावा मिले और यहां के बच्चे इंटरनेशनल लेवल पर खेल सकें। ऐसे में खिलाड़ी युवाओं को आगे बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा देने के लिए राज्य सरकार लखनऊ में पहला रोलर स्केटिंग ट्रैक खोलने की तैयारी में है। इस बारे में डिप्टी डायरेक्टर एसएस मिश्रा ने बताया कि यह यूपी सरकार की महत्वपूर्ण योजना में से एक है। सभी खेलों को महत्व देते हुए राज्य में रोलर स्केटिंग गेम के लिए यह योजना बनाई गई है।

देशभर से आए खिलाड़ियों को मिलेगा खेलने का मौका

पिछले दिनों टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने वाले देशभर के खिलाड़ियों को सम्मानित कर चुकी यूपी सरकार ने खेलों को बढ़ावा देना अपनी प्राथमिकता में रखा है। इसी के मद्देनजर राजधानी लखनऊ में यूपी का पहला स्केटिंग ट्रैक बनाने का फैसला किया है। ट्रैक बनने के बाद देशभर से आए खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिलेगा।

खिलाड़ियों की परेशानी होगी दूर

यूपी में अभी तक एक भी जगह स्केटर्स के लिए कोचिंग ट्रैक नहीं है। ग्रेटर नोएडा में एक प्रैक्टिस ट्रैक है। लेकिन दूसरी जगहों से आने वाले खिलाड़ियों के साथ रहने और खाने के खर्च की अलग समस्या भी होती है। इस वजह से सभी खिलाड़ी दूसरी सिटी में जाकर प्रैक्टिस करने में समर्थ नहीं होते। वहीं पहले की तुलना में अब युवाओं में इस खेल का उत्साह बढ़ रहा है। इन खिलाड़ियों की जरूरत को समझते हुए यूपी सरकार स्केटिंग ट्रैक बनाने की तैयारी में है।

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बजट सबसे बड़ा रोड़ा

स्केटिंग रिंक या ट्रैक के मरम्मत में प्रतिदिन 20 से 25 हजार का खर्च आता है। मुख्य खर्चा बिजली का होता है। आइस स्केटिंग के लिए फ्लोर के नीचे कूलिंग के लिए रेफ्रिजरेटर लगे होते हैं जिनमें सीमेंटेंड फ्लोर के ऊपर बर्फ जमने लगती है। बाहर भी कूलिंग होने लगती है।

स्केटिंग में यूपी के नाम है स्वर्ण पदक

स्केटिंग खेल में यूपी राज्य से कई नेशनल लेवल स्केटर्स हैं। कानपुर के नील यादव ने राष्ट्रीय स्केटिंग में स्वर्ण पदक हासिल किया है। 2017 में नोएडा के अंशराज ने स्केटिंग चैंपियनशिप में दो स्वर्ण और एक रजक पदक जीता था। इसके अलावा ईशान राज सिंह, अनिका सिंह जैसे राष्ट्रीय स्केटर भी मौजूद हैं।

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स्केटिंग में भारत रहा है अव्वल

भारत में हर तरह की स्केटिंग की लोकप्रियता है। वह रोलर स्केटिंग हो, स्केट बोर्डिंग हो या आइस स्केटिंग हो। शिमला और लद्दाख में ओपस आइस स्केटिंग और मुंबई और गुड़गांव में इंडोर आइस स्केटिंग होती है। साउथ इस्टर्न कंट्री में भारत शीर्ष पर है। जबकि एशिया में चीन, जापान आदि देश आगे हैं।

ओलंपिक में होते हैं कितने स्केटिंग गेम?

ओलंपिक स्केटिंग में पुरुष और महिला एकल के विषयों में 30 स्केटर्स, 19 जोड़ी स्केटिंग टीमें और 23 आइस स्केटिंग टीमें होती हैं। इसके अतिरिक्त, दस राष्ट्र टीम स्पर्धा के लिए अर्हता प्राप्त करते हैं।