
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को कठौता चौराहे के पास ताबड़तोड़ फायरिंग में मऊ के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर की हत्या कर दी गई। घटना के दौरान उनके साथी मोहर सिंह भी घायल हो गए हैं। उनके पैर में गोली लगी है। उन्हें तत्काल लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर लखनऊ भी अस्पताल पहुंच गए हैं।
बताया जा रहा है कि विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सिम्पू सिंह की हत्या के मामले में अजीत सिंह मुख्य गवाह थे। 19 जुलाई 2013 को विधायक सिम्पू सिंह की हत्या कर दी गई थी। उनके करीबी भरत राय की भी फायरिंग में मौत हो गई थी। अजीत की अखंड सिंह और कुनकुन सिंह से रंजिश बताई जा रही है। इस मामले में जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरा गांव निवासी कुख्यात अपराधी व पूर्व प्रमुख ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सहित 13 लोगों के खिलाफ जीयनपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जेल में निरुद्ध कुख्यात कुंटू सिंह प्रदेश के टाप-10 अपराधी में शामिल है।
20 दिसंबर 2020 को अपराधियों पर नकेल कसने को चलाए जा रहे अभियान के तहत जीयनपुर पुलिस ने बसपा के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड के आरोपित ग्राम प्रधान, बीडीसी समेत तीन लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई थी।
सर्वेश के परिवार ने मांगी सुरक्षा
वहीं सर्वेश सिंह के भाई संतोष सिंह टीपू ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर परिवार और खुद की सुरक्षा की मांग की है। टीपू सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार ने उनको सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया है, लेकिन उन्होंने जेल अधिकारियों से खास नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कुंटू सिंह आजमगढ़ की जेल में ही बंद है, लेकिन वहां से खुलेआम मोबाइल के जरिए लोगों को धमकियां दे रहा है। संतोष सिंह का आरोप है कि कुंटू सिंह ने ही बुधवार को लखनऊ में हुई हत्या को अंजाम दिलवाया, जिससे कि अजीत उनके भाई पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की हत्या के मामले में गवाही न दे सके।
Updated on:
07 Jan 2021 03:03 pm
Published on:
06 Jan 2021 10:20 pm
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