
भाजपा के लिये बहुत बड़ी खुशखबरी, यूपी के कद्दावर नेता ने इस वजह से छोड़ी अपनी पार्टी, बीजेपी में हुए शामिल
लखनऊ. कांग्रेस के कद्दावर नेता व यूपी के कार्यवाहक सीएम रह चुके डॉ. अम्मार रिजवी ने भाजपा का दामन थाम लिया। रिजवी ने पिछले दिनों कांग्रेस नेतृत्व पर दलबदलुओं को महत्व देने व जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। डॉ. अम्मार रिजवी के भाजपा में शामिल होने से इस पार्टी को प्रदेश में बड़ा मुस्लिम चेहरा मिल गया है। डॉ. अम्मार रिजवी के सहारे भाजपा मुस्लिमों को लेकर आरोप लगाने वालों को जवाब देने की कोशिश करेगी। साथ ही डॉ. अम्मार रिजवी के जरिये विपक्ष खास तौर से कांग्रेस को घेरने की कोशिश करेगी।
अम्मार रिजवी कांग्रेस से थे नाराज
कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए डॉ. अम्मार रिजवी काफी दिनों से कांग्रेस से नाराज चल रहे थे। उन्होंने इसी साल अप्रैल में लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। साथ ही लखनऊ से चुनाव लड़ रहे राजनाथ सिंह का समर्थन किया था। डॉ. अम्मार रिजवी ने विधानसभा चुनाव 2017 के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी की हार के लिये जिम्मेदार नेताओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वह कई महीनों से जिस तरह भाजपा और मोदी सरकार के फैसलों व कामों की तारीफ कर रहे थे, उससे संकेत भी मिल रहे थे कि डॉ. अम्मार रिजवी को भाजपा अपने साथ ले सकती है।
कांग्रेस नेतृत्व को लिखा था पत्र
डॉ. अम्मार रिजवी ने कांग्रेस के सभी पदों से त्यागपत्र देते हुए कहा था कि पार्टी में दलबदलुओं को तवज्जो दी जा रही है। निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया था कि शीर्ष नेताओं ने स्वार्थवश जोड़तोड़ की सियासत शुरू करा दी। जिसका नतीजा रहा कि पार्टी प्रदेश के 396 विधानसभा क्षेत्रों से गायब है। आम कार्कर्ता बेइज्जत होकर घर बैठा है। जिम्मेदार लोगों को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिये। नहीं तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।
भाजपा से हमेशा रही नजदीकी
डॉ. अम्मार रिजवी सिया मुस्लिम हैं और कांग्रेस के बड़े चेहरे माने जाते हैं। वह दो बार कार्यवाहक मुख्यमंत्री, कई बार कैबिनेट मंत्री, विधान परिषद में विपक्ष के नेता और विधानसभा उपाध्यक्ष रहे। विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिये तत्कालीन सत्तारुढ़ भाजपा ने उनका समर्थन किया था। डॉ. अम्मार रिजवी के भाजपा नेताओं से रिश्ते हमेशा काफी मधुर रहे हैं। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सउदी अरब जाने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डॉ. अम्मार रिजवी को सौंपा था। स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के प्रशंसक डॉ. अम्मार रिजवी ने 2004 में अटल हिमायत कमेटी के बैनर तले वाजपेयी का समर्थन किया था। भाजपा के वरिष्ठ नेता और अब मध्य प्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन से भी उनके पारिवारिक रिश्ते रहे हैं। पिछले दिनों जब राजनाथ सिंह ने लखनऊ से नजफ (इराक) के बीच सीधी हवाई सेवा की शुरुआत की थी तब भी डॉ. अम्मार रिजवी ने राजनाथ सिंह की काफी तारीफ की थी। डॉ. अम्मार रिजवी ने ही राजनाथ सिह से नजफ के लिये हवाई सेवा शुरू कराने का आग्रह किया था।
Published on:
24 Oct 2019 03:08 pm
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