
केशव प्रसाद मौर्य ने मुंशी प्रेमचंद के एक कथन का हवाला देते हुए कहा कि किसान के बेटे को यदि गोबर से बदबू आने लगे, तो अकाल निश्चित है। इसी संदर्भ में उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भी गोबर से बदबू आ रही है इसलिए उनकी पार्टी का अस्तित्व समाप्त होने की ओर अग्रसर है।
अखिलेश यादव ने बुधवार को कन्नौज में एक बयान देते हुए कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लोग दुर्गंध पसंद करते हैं इसलिए वे गौशाला बनवा रहे हैं। समाजवादी पार्टी सुगंध पसंद करती है, इसलिए हमने इत्र पार्क बनवाया। उन्होंने आगे कहा कि कन्नौज की धरती से भाईचारे की सुगंध फैलाई गई जबकि बीजेपी की नफरत की दुर्गंध चारों ओर फैल रही है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के इस बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा ही अपनी जड़ों से कटकर राजनीति की है, और अब जब वे गोबर से दुर्गंध महसूस कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि वे अपनी संस्कृति और समाज से पूरी तरह कट चुके हैं। उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी के "समाप्तवादी" बनने का संकेत बताया।
बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि समाजवादी पार्टी के नेता गाय और गौशाला का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि एमपी कांग्रेस के विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह पहले ही सनातन धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुके हैं और अब अखिलेश यादव भी उसी राह पर हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गाय माता में भी समाजवादी पार्टी को दुर्गंध महसूस होती है?
Updated on:
27 Mar 2025 05:07 pm
Published on:
27 Mar 2025 05:07 pm
