
अब मनरेगा लोकपाल को मिलेगा हर महीने 45 हजार मानदेय, जानिए नियुक्ति की शर्तें
यूपी में इस वक्त 24 जिलों में मनरेगा लोकपाल की नियुक्ति है। मनरेगा लोकपाल के लिए एक खुशखबर है। केंद्र सरकार ने मनरेगा लोकपाल के मानदेय को दोगुना कर दिया है। साथ ही मनरेगा लोकपाल के कार्यों की नई गाइडलाइन जारी की है। जिसमें इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, मनरेगा लोकपालों के लिए आवश्यक संसाधन व सहयोग उपलब्ध कराने के लिए नए सिरे से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही मनरेगा लोकपालों के लिए कुछ निर्देश हैं, जिसमें हर तीसरे माह मुख्य सचिव व नोडल विभाग के सचिव को रिपोर्ट भेजना है। ग्रामीण विकास मंत्रालय निदेशक मनरेगा धर्मवीर झा के लिखे पत्र के अनुसार, मनरेगा लोकपाल को अभी तक हर सिटिंग पर सिर्फ एक हजार रुपए मिलते थे। और जिसकी अधिकतम राशि बीस हजार रुपए थी। पर अब मनरेगा लोकपाल के मानदेय को बढ़ाकर दोगुना से अधिक कर दिया गया है। नए मानदेय के अनुसार मनरेगा लोकपाल को अब 2250 रुपए प्रति सिटिंग मिलेगा, जो अधिकतम राशि 45 हजार तक होगी।
मनरेगा लोकपाल के लिए नई गाइडलाइन
केंद्र सरकार की नई व्यवस्था के अनुसार मनरेगा लोकपाल के लिए जिला मुख्यालय पर एक आफिस की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासनिक व तकनीकी सहयोग के लिए आफिस में कार्यालय स्टाफ, कंप्यूटर ऑपरेटर, शिकायत पेटी टेलीफोन व कानूनी सहयोग आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। फील्ड विजिट के लिए वाहन मिलेगा। अगर अपने वाहन का इस्तेमाल किया जाता है तो उसके टीए-डीए का भुगतान राज्य सरकार के प्रथम श्रेणी के अफसर बराबर किया जाएगा।
मनरेगा लोकपाल के अधिकार
मनरेगा लोकपाल के पास कई अधिकार है। जिसमें मनरेगा लाभार्थियों से कहीं भी शिकायत प्राप्त कर सकेंगे। स्थलीय जांच आदेश दे सकते हैं। शिकायत निस्तारण के लिए विशेषज्ञ सुविधा ले सकेंगे। शिकायत निवारण के लिए विभागीय और सुधारात्मक कार्रवाई का अधिकार है। शिकायत पर 30 दिन में फैसला सुना सकेंगे। अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ शिकायत पर अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने पर लोकपाल को छूट है कि, वह स्वविवेक से निर्णय ले सकेंगे। केंद्र के निर्देशों के अनुपालन की जिम्मेदारी जिला स्तर पर डीएम व सीडीओ की होगी।
मनरेगा लोकपाल की नियुक्ति की शर्तें
मनरेगा लोकपाल का कार्य मनरेगा कार्यों की शिकायत का निस्तारण करना है। मनरेगा लोकपाल की नियुक्ति की कुछ शर्तें है। जिसमें सेवानिवृत्त सिविल सर्वेंट, शिक्षाविद् व सामाजिक कार्य या प्रबंधन में कम से कम 10 वर्ष का अनुभव और प्रतिष्ठित, निष्ठावान व विवाद रहित अखंड सत्यनिष्ठा का होना चाहिए। किसी भी राजनीतिक दल या प्रतिबंधित संगठन का सदस्य नहीं होना चाहिए। लोगों या समुदायिक संगठन के साथ काम करने का अनुभव एक अनिवार्य योग्यता है। शैक्षणिक योगिता कम से कम स्नातक हो। आयु अधिकतम 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। नियुक्ति अधिकतम 2 वर्ष, एक-एक वर्ष के लिए 2 बार जरूरत पड़ने पर बढ़ाई जा सकती है।
Published on:
30 Jan 2022 11:21 am
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