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खुशखबर, यूपी में प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या में भारी इजाफा

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 : यूपी को बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई। अब प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या बढ़ गई है। यह यूपी की जनता के लिए खुशखबर है। साथ ही इस बात को पुख्ता करता है कि, यूपी बदल रहा है।

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National Family and Health Survey

खुशखबर, यूपी में प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या में भारी इजाफा

लखनऊ. यूपी अब कर सकता है गर्व, प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या में हुआ भारी इजाफा। वर्ष 2015-16 में जहां लिंगानुपात 995 था, वहीं 2020-21 में बढ़कर 1017 हो गया है। मतलब साफ है कि, एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या अब 1017 हो गई है। यह खुशखबर है कि यूपी में ऐसा पहली बार हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी खुश :- उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण अभियान वजह से सूबे में लिंगानुपात में सुधार हुआ है। वर्ष 2015-16 में एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 995 थी। सरकार के चलाए जागरुकता कार्यक्रमों ने यूपी जनता का मन बदल दिया। दकियानूसी विचारों को छोड़कर लड़कियों को अपने गले लगने लगे। जिसका रिजल्ट रहा कि, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 की रिपोर्ट में प्रजनन दर गिरकर 2.7 के मुकाबले 2.4 पर आ गई है। लिंगानुपात 2020-21 में बढ़कर 1017 हो गया। नए परिणम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी खुश नजर आए।

प्रयासों में सफल हुए :- राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि, विगत साढ़े चार वर्ष से अधिक की अवधि में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन तथा कन्या भ्रूण हत्या रोकने के प्रयास सफल हुए हैं।

एनीमिया प्रभावित महिलाओं की संख्या में भारी कमी :- एनीमिया प्रभावित महिलाओं की संख्या में 5.1 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह कमी 1.8 प्रतिशत है। प्रदेश में बच्चों के वृद्धि अवरोध के मामलों में 6.6 प्रतिशत की कमी हुई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर 2.9 प्रतिशत। राज्य में सामान्य से कम वजन के बच्चों के मामलों में 7.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर 3.7 प्रतिशत।

कुछ इस तरह आया सुधार
काम -- पहले -- अब
संस्थागत प्रसव -- 67.8 प्रतिशत -- 83.4 प्रतिशत
परिवार नियोजन उपाय -- 45.5 प्रतिशत -- 62.4 प्रतिशत
प्रसव पूर्व जांच -- 26.4 प्रतिशत -- 42.4 प्रतिशत
बच्चों में संक्रमण दर -- 15 प्रतिशत -- 5.6 प्रतिशत।

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