
Gorakhpur Temple Attacker Murtaza Abbasi Accepted Crime
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मंदिर हमले में गिरफ्तार अहमद मुर्तजा अब्बासी ने कई बड़े खुलासे किए हैं। उसने बताया कि सीएए और एनआरसी विधेयक पास करके मुसलमानों के साथ बुरा किया गया। इसलिए हमला कर दिया। बता दें कि यूपी एटीएस ने मुर्तजा का पासपोर्ट बरामद कर लिया है। पासपोर्ट से ये पता चला है कि मुर्तजा करीब 6 महीने पहले दुबई गया था। इतना ही नहीं मुर्तजा का ये पासपोर्ट मुंबई के पते पर बना हुआ है। पासपोर्ट पर मुंबई के एक प्लैट का पता लिखा हुआ है।
पुलिस सूत्रों से जानकारी के अनुसार मुर्तजा एक व्हाट्सएप ग्रुप चलाता था। इस ग्रुप में यूपी के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों से लेकर नेपाल तक लोग जुड़े हुए थे। एटीएस कानपुर, नोएडा, संभल और शामली समेत अन्य जगहों से कई युवक व्हाट्सएप ग्रुप में सदस्य थे। मुर्तजा के ग्रुप से जुड़े सदस्यों से एटीएस और अन्य खुफिया एजेंसियां पकड़ कर पूछताछ करने की कोशिश कर रही हैं। बता दें कि रविवार देर रात 30 साल के आईआईटी स्नातक अहमद मुर्तजा अब्बासी ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। जब सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो जवानों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था।
सीएए एनआरसी (CAA-NRC) से मुसलमानो के साथ गलत हुआ
मुतर्जा ने अपने कुबूलनामें में कहा कि सरकार ने सीएए और एनआरसी लाकर मुसलमानों के साथ बहुत गलत किया। उसने कहा मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था। सरकार को ये विधेयक लाने से पहले इसका परिणाम या उपाय सोच लेना चाहिए। उसने कहा इससे मुझे डिप्रेशन हो रहा था। इसलिए घटना को अंजाम दे दिया।
कहीं कट्टरपंथी के गिरफ्त में तो नहीं मुर्तजा
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि हम इस घटना से जुड़े हर पहलू का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। मुर्तजा का पासपोर्ट बरामद किया गया। इसमें पता चला कि 6 महीने पहले दुबई से होकर आया है। वहीं व्हाट्सएप में मुसलमान कट्टरपंथी ग्रुप भी मिले है। इसमें कई अन्य शहरों के लोग जुड़े हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि अब्बासी खुद ही कट्टरपंथ की गिरफ्त में हैं। इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं वह किसी अन्य के इशारे पर तो काम नहीं कर रहा था।
Updated on:
07 Apr 2022 02:22 pm
Published on:
07 Apr 2022 02:11 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
