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उत्तर प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में हर साल शिक्षक दिवस पर दिए जाने वाले राज्य पुरस्कारों के लिए संशोधित गाइड लाइन को जारी कर दिया गया है। शुक्रवार को जारी गाइडलाइन के मुताबिक, ये पुरस्कार सिर्फ 18 अभ्यर्थियों को दिया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। जिसके बाद आवेदकों का चार स्तरों पर इंटरव्यू भी लिया जाएगा। प्रमुख सचिव दीपक कुमार की तरफ से जारी किए एक आदेश के अनुसार राज्य अध्यापक पुरस्कार राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेजों और सहायता प्राप्त माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों के नियमित सेवारत प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों व अध्यापकों को दिए जाएंगे।
सभी विषयों के शिक्षकों को मिलेगा अवसर
इसके लिए दो प्रधानाचार्य, दो हेड मास्टर, तीन भाषा शिक्षक, तीन मैथ्स के शिक्षक, तीन साइंस के शिक्षक, तीन मानविकी वर्ग के शिक्षक और कृषि, कला, सगीत और व्यायाम के तीन शिक्षक का चयन किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सभी विषयों के शिक्षकों को ये अवसर मिल सके। वहीं पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए सम्मान राशि, शॉल व स्मृति चिन्ह दिया जाएगा। पुरस्कारों के लिए चार स्तरों पर परीक्षण होगा। शासन ने इसके लिए जिला, मंडल, निदेशालय व राज्य स्तर पर कमेटी गठित कर दी है।
न्यूनतम सेवा अवधि में कोई बदलाव नहीं
वहीं शासन की तरफ से पुरस्कार के लिए न्यूनतम सेवा अवधि में कोई बदलाव नहीं किया गया है। प्रधानाचार्यों व प्रधानाध्यापकों के लिए कुल सेवा अवधि 15 वर्ष होगी। अध्यापकों के लिए 10 वर्ष की नियमित सेवा अवधि अनिवार्य होगी। शासन ने चयन के लिए अलग-अलग बिन्दुओं का निर्धारण करते हुए उनके लिए अंक भी निर्धारित कर दिए हैं। पुरस्कारों के लिए प्रत्येक वर्ष पहली जून 15 जून तक आनलाइन आवेदन होंगे। जनपदीय समिति 16 जून से पांच जुलाई तक आवेदनों का परीक्षण कर प्रस्ताव मंडलीय कमेटी को आनलाइन भेजेगी। जिसके बाद राज्य स्तरीय कमेटी छह अगस्त से चयन की कार्यवाही करेगी।
Published on:
10 Sept 2022 12:31 pm
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