
कोविड-19 महामारी के बाद देश में बढ़ते H3N2 इन्फ्लुएंजा के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल इसके मामले अभी बहुत कम आ रहे हैं, लेकिन होली के त्योहार को देखते हुए सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कानपुर में इंफ्लूएंजा ए वायरस का हमला लगातार तेज होता जा रहा है। बताया गया कि इन्फ्लूएंजा-ए के सब टाइप एच-3 एन-2 वायरस लोगों को अपने शिकंजे में ले रहा है। इस वायरस के चलते 50 मरीज अस्पताल में भर्ती किए गए हैं। हालांकि, बताया गया कि मरीजों में एच-3एन-2 वायरस अभी टेस्ट में नहीं आया है, लेकिन डॉक्टरों ने ऐसे मरीजों में वायरस के लक्षण मिलने की पुष्टि की है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि H3N2 वायरस हर साल इस दौरान म्यूटेशन करता है। बूंदों के माध्यम से फैलता है। इसलिए लोगों को होली के त्योहारी मौसम में सतर्क रहने की जरूरत है।
खास तौर पर उन बुजुर्गों को सावधान रहना चाहिए, जिन्हें पुरानी सांस की बीमारियां, हृदय की समस्याएं, किडनी की समस्या या डायलिसिस जैसी गंभीर बीमारियां हैं। उन्हें भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाने से सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि ऐसी जगहों पर ही वायरस के संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
H3N2 इन्फ्लूएंजाः दो माह से लगातार बढ़ रहे है केस
H3N2 इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को हेल्थ एक्सपर्ट्स के साथ बैठक की थी। इसमें स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा था कि देश में कोरोना के मामले कम हुए हैं, लेकिन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। यह फ्लू कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है। एक्सपर्ट ने इससे बचने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने की सलाह दी थी।
H3N2 इन्फ्लूएंजा वायरसः मरीजों में दिख रहे ये लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जो मरीज इन्फ्लुएंजा-ए वायरस के H3N2 स्ट्रेन से संक्रमित हैं। उसको 2-3 दिनों तक तेज बुखार बना रहता है। शरीर में दर्द, सिरदर्द, गले में जलन इसके अलावा मरीज में लगातार दो हफ्ते तक खांसी होती है।
ये फ्लू के सामान्य लक्षणों में गिने जाते हैं। वहीं कुछ मरीजों में वायरल फीवर के साथ, सर्दी, खांसी और ब्रॉन्काइटिस जैसी फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं देखने को मिल रही हैं। वहीं, सीने में जकड़न और वायरल इंफेक्शन के मामले भी देखे जा रहे हैं।
इस तरह बचे H3N2 इन्फ्लूएंजा फ्लू से
H3N2 इन्फ्लुएंजा कोराना से कैसे है अलग?
COVID-19 और H3N2 इन्फ्लूएंजा दोनों संक्रामक वायरस के कारण होते हैं। दोनों खांसी और छींक के दौरान निकलने वाले बंदूों के से फैल सकते हैं। भले ही ये दोनों सांस संबंधी बीमारियां काफी संक्रामक और खतरनाक हैं, फिर भी दोनों वायरस अलग-अलग परिवार से संबंधित हैं। जहां COVID-19 SARs-CoV-2 वायरस के कारण होता है, वहीं H3N2 इन्फ्लुएंजा A के स्ट्रेन में से एक है, जो मनुष्यों में फैल रहा है।
कोविड के केसों में भी इजाफा
पिछले तीन हफ्तों में, भारत में कोविड-19 संक्रमणों में वृद्धि हुई है। भले ही रिपोर्ट किए गए कुल मामले बहुत कम हैं, लेकिन पिछले सप्ताह 1,898 नए मामले सामने आए है। वहीं, मृत्यु दर में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
देश में रविवार को समाप्त होने वाले पिछले सात दिनों में सप्ताह-दर-सप्ताह कोरोना मरीजों में 63 फीसदी का इजाफा देखा गया है। पिछले हफ्ते, कोरोना केस में 39 फीसदी वृद्धि हुई थी, जबकि उसके पहले सप्ताह में 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। दक्षिण भारत और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।
Updated on:
08 Mar 2023 03:23 pm
Published on:
08 Mar 2023 03:22 pm
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