लखनऊ

Hanuman Jayanti 2021 : संकट कटै मिटै सब पीरा… कोरोना काल में इन 10 चौपाइयों से करें हनुमान जी की आराधना

Hanuman Jayanti 2021- हनुमान जयंती पर चौपाइयों के जरिए खास तरीके से करें बजरंगबली की पूजा, होंगे प्रसन्न

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Apr 27, 2021
27 अप्रैल को हनुमान जी की जयंती है

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. अपार शक्ति के स्रोत और अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता हनुमान जी की आज जयंती (Hanuman Jayanti 2021) है। हनुमान जयंती के दिन सच्चे मन से की गई थोड़ी पूजा से ही संकटमोचक बजरंगबली खुश हो जाते हैं और पल भर में अपने भक्तों के सभी कष्ट हर लेते हैं। वैसे तो आप अक्सर पूजा के वक्त चौपाइयां गुनगुनाते रहते होंगे, लेकिन आज आपको बता रहे हैं कि किन चौपाइयों से हनुमान की आराधना कर उन्हें प्रसन्न करें।

हनुमान जी का ध्यान करते हुए ये चौपाइयां पढ़ें
1- तामस तन कछु साधन नाहीं, प्रीति न पद सरोज मन माहीं
भावार्थ- हे प्रभु! पूजन के लिए लिए मेरे पास कोई साधन नहीं हैं और न ही आपको चरणों की भक्ति..

2- पूजा, जप-तप नेम और आचारा, नहीं जानत हौं दास तुम्हारा
भावार्थ- हे प्रभु! मैं पूजा, जप-तप और नियमों को नहीं जानता हूं, लेकिन आपका दास हूं।

3. नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा
भावार्थ- हनुमान चालीसा की इस चौपाई में लिखा है कि हनुमान जी की पूजा से सभी रोग और सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

4. दीन दयाल बिरदु संभारी, हरहु नाथ मम संकट भारी
भावार्थ- दीन दुखियों के नाथ आप हमारे सभी कष्टों को दूर करिए। आप दीनों की रक्षा करने वाले दयालु हो।

5. कवन सो काज कठिन जाग माहीं, जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं
भावार्थ- इस दुनिया में ऐसा कोई कार्य नहीं है जिसे प्रभु हनुमान जी नहीं कर सकते

6. को नहिं जानत है जग में कपि संकट मोचन नाम तिहारो, बेगि हरो हनुमान महाप्रभु जो कछु संकट होय हमारो
भावार्थ- हे हनुमान जी, सारी दुनिया आपको संकटमोचन के तौर पर जानती है, प्रभु मेरे भी सभी संकटों को आप हर लीजिए।

7. दुर्गम काज जगत के जेते, सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते
भावार्थ- दुनिया के जितने भी कठिन कार्य हैं, आपकी इच्छा शक्ति से वह सब सुगम हो जाते हैं।

8. सब सुख लहैं तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू को डरना
भावार्थ- हे हनुमान जी, आपकी शरण में आने से सभी दुख दूर हो जाते हैं। अगर आप रक्षक हैं तो किसी बात का डर नहीं है

9. सुमिर पवन सुत पावन नामू, अपने बस करि राखिय रामू
भावार्थ- पवन पुत्र हनुमान जी के पावन नाम का स्मरण कीजिए, जिन्होंने श्रीराम को अपने ह्रदय में समाया हुआ है।

10. जेहि बिधि होइ नाथ हित मोरा, करहु सु बेगि दास मैं तोरा
भावार्थ- हे भगवन, जिस तरीके से मेरा कल्याण हो आप वह उपाय करिए, क्योंकि मैं आपका दास हूं।

Updated on:
27 Apr 2021 08:57 am
Published on:
27 Apr 2021 08:51 am
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