
शीतलहर में रखे अपने दिल का खास ख्याल, जानिए हृदय रोग विशेषज्ञ से
शीतलहर में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए| इसके साथ ही दिल के रोगियों को अपना खास ख्याल रखना चाहिए| डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार चौधरी बताते हैं कि अत्यधिक ठंड की वजह से शरीर की खून की नसों में सिकुड़न पैदा होने लगती है, खून भी गाढ़ा होने लगता है, जिस वजह से ब्लड प्रेशर में वृद्धि होने लगती है| अचानक बीपी बढ़ने से सीने में दर्द, घबराहट, उलझन और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है | यदि समय पर इसका उपचार नहीं किया जाये, तो ब्रेन स्ट्रोक होने की संभावना बढ़ जाती है।
ठंड में नसों का सिकुड़ना
यदि किसी व्यक्ति की नसों में कोलेस्ट्रॉल के कारण पहले से ही 40 फीसद रुकावट है तो उसमें हृदय रोग के लक्षण दिखाई नहीं देंगे लेकिन ठंड के कारण नसों के सिकुड़ने से यह रुकावट 70 से 80 फीसद हो सकती है जो कि एन्जाइना या हृदय रोग के रूप में दिख सकती है|
डॉ. दीपक बताते हैं कि बीपी, शुगर और ह्रदय सम्बन्धी समस्या के रोगी, दवाइयों का सेवन सही समय पर करें और नियमित रूप से चिकित्सक की देखरेख में रहें। हल्का भोजन करें क्योंकि गरिष्ठ (भारी)भोजन को पचाने के लिए पेट का रक्त संचार बढ़ जाता है और हृदय का रक्त संचार कम हो जाता है|
जिससे हृदय की समस्याएं बढ़ सकती है | जंक फूड, मिठाई व तले भुने खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें| इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है | इसके अलावा प्रोसेस्ड मीट और डेयरी उत्पादों का सेवन भी कम से कम करें | ठंड के मौसम में शरीरिक ग्रतिविधियाँ कम हो जाती हैं ऐसे में हल्का भोजन ही शरीर के लिए फायदेमंद होता है |
धूप में टहलना चाहिए व रोज करें एक्साइज
दिल के रोगियों को धूप निकलने पर ही टहलना चाहिए| कोहरे में घर से निकलना सेहत के लिए खराब हो सकता है| रोजाना एक्साइज करना चाहिए | इसके अलावा एस्पिरिन की गोली अवश्य रखें| आकस्मिक परिस्थिति में डॉक्टर की सलाह पर एक गोली चबाकर या गुनगुने पानी से लें सकते हैं | यह खून को पतला करती है जिससे हार्ट अटैक की स्थिति में मौत की संभावना 25 फ़ीसद तक कम हो जाती है और रोगी को अस्पताल तक ले जाने का समय मिल जाता है|
हृदय रोग विशेषज्ञ की राय
डॉ. दीपक बताते हैं कि शरीर को गरम रखें | टोपी, मफ़लर, दस्ताना, मोजे और गरम कपड़े पहने| गुनगुना पानी पीये, गरम कमरे से निकलकर अचानक ठंडे में न जाए| किसी भी प्रकार का नशा, तंबाकू, गुटखा आदि का सेवन और धूम्रपान करने से बचें ।
अगर सीने में दर्द हो, सांस लेने में तकलीफ हो, घबराहट के साथ धड़कन बढ़ रही हो तो अपने नजदीक के किसी भी अस्पताल में संपर्क करें और अगर हो सके तो ईसीजी, ब्लडप्रेशर की जांच जरूर करवाएं। पानी का प्रयोग जरूर करना चाहिए जिससे डिहाइड्रेशन से बचा जा सके|
Published on:
14 Jan 2023 07:23 am
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