2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीमेंट की भी होती है एक्सपायरी डेट , नींव, छत व दीवार के लिए अलग-अलग ग्रेड का करें इस्तेमाल

Cement Expiry Date : सीमेंट को लेकर विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि जितना संभव हो सके, उतना ताजा सीमेंट का उपयोग करने करें। पुरानी सीमेंट के प्रयोग से कई तरीके की समस्याएं सामने आ सकती है, जैसे कि दरारें, टपकन, संक्षारण, इत्यादि। इसके साथ ही आपके निर्माण की लागत भी बढ़ाता है और संरचना की अवधि पर भी असर करता है। विशेषज्ञों के अनुसार अक्सर ग्राहक सीमेंट की निर्माण तिथि नहीं देखता है, जबकि सीमेंट खरीद से पहले इस बात का ध्यान रखना सबसे जरूरी होता है।

3 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Amit Tiwari

Jan 06, 2022

cement.jpg

लखनऊ. वर्तमान समय में लोगों को लिए मकान बनवाना एक बहुत ही मुश्किल काम बना जाता है। लेकिन जो लोग अपने मकान बनवा रहे होते हैं, वे मकान की मजबूती को लेकर काफी संवेदनशील होते हैं। मकान की मजबूती के लिए सबसे अहम रोल सीमेंट का होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दवाइयों की तरह ही सीमेंट की भी एक एक्सपायरी डेट भी होती है। लखनऊ के एक बड़े सीमेंट व्यवसायी के मुताबिक सीमेंट एक द्रवग्राही निर्माण पदार्थ है और नमी सीमेंट की सबसे बड़ी दुश्मन है। इसी कारण से सीमेंट की थैलियां कभी भी लंबे के लिए जमा नहीं की जा सकती है। सीमेंट की थैली अगर 3 महीने से अधिक पुरानी हो, तो उसे इस्तेमाल करने से पहले सीमेंट की मजबूती का परीक्षण होना चाहिए।

अब नहीं दिखती बैं मिट्टी के गिलावे से जुड़ी दीवारें

किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य में सीमेंट की बाइंडिंग मैटेरियल के तौर पर मुख्य भूमिका होती है। लेकिन इससे पहले इस कार्य के लिए मिट्टी, चूना, राख, वनस्पतियों आदि का प्रयोग किया जाता था। अब भी कुछ स्थानों पर मिट्टी के गिलावे से जुड़ी दीवारें दिख जाती हैं। जानकारी के अनुसार सीमेंट बनाने की शुरुआत रोमन सभ्यता में हुई थी, जो विसूवियस ज्वालामुखी के पास स्थित पोत्सवलाना गांव से ज्वालामुखी से निकली राख और चूने के मिश्रण का भवन निर्माण में प्रयोग करते थे, इसलिए इसे "पोत्सवालाना" कहा जाता था।

सामान्यत: सीमेंट होता है इस्तेमाल

आजकल जो सीमेंट सामान्यतः प्रयोग में लाया जाता है, यही पोर्टलैंड सीमेंट होता है हालांकि इसमें जिप्सम ( CaSO4. 2H2O कैल्शियम सलफेट डाई हाइड्रेट) मिलाया जाता है, जिससे पानी के साथ जमने की इसकी अवधि को कम किया जा सके। विशेषज्ञों ने इसीलिए सलाह दी है कि जितना संभव हो सके, उतना ताजा सीमेंट का उपयोग करने करें। पुरानी सीमेंट के प्रयोग से कई तरीके की समस्याएं सामने आ सकती है, जैसे कि दरारें, टपकन, संक्षारण, इत्यादि। इसके साथ ही आपके निर्माण की लागत भी बढ़ाता है और संरचना की अवधि पर भी असर करता है।

ये भी पढ़े: अब भी है मौका बनवा ले E Shram Card, इसी से आगे बनेगा आरोग्य कार्ड

कैसे सुरक्षित रखें सीमेंट की थैलियां

सीमेंट की बोरियों को यदि बिना नमी वाले छायादार स्थान पर फर्श पर कुछ ईंट या लकड़ी के तख्ते इत्यादि पर इस प्रकार से रखा जाये कि सभी बोरियां दीवाल से लगभग एक फीट दूर रहें, दीवार को टच करती हुई न रखी जायें, तो निर्माण की तारीख से छह महीने तक सीमेंट की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आती, और वह सुरक्षित रहता है।

6 माह बाद कम होने लगती है सीमेंट की गुणवत्ता

इस प्रकार से सुव्यवस्थित ढंग से रखने के पश्चात निर्माण की तारीख से छह महीने के बाद सीमेंट की गुणवत्ता में धीरे धीरे कमी आने लगती है। बताया जाता है कि बड़े सीमेंट उत्पादकों ने रिसर्च और डेवलपमेंट करवाया और निस्संदेह पुष्टि की है कि समय के चलते सीमेंट का जीवनकल ख़त्म होने जाने पर वह अपनी मजबूती खोने लगता।

हर तीन महीने में कम होती जाती है सम्पीडक शक्ति

लंबे समय तक सीमेंट की थैलियां जमा रखने से कम्प्रेस्सिवे स्ट्रेंथ (सम्पीडक शक्ति) में घटौती होती जाती है। पहले तीन महीने तक सीमेंट रखने पर 20 फीसदी, छह महीने तक सीमेंट की थैलिया रखने पर 30 प्रतिशत, 12 महीने तक सीमेंट जमा रखने पर 40 फीसदी और 24 महीने तक सीमेंट की थैलियां रखने पर 50 प्रतिशत कम्प्रेस्सिवे स्ट्रेंथ घट जाती है।

ये भी पढ़े:फर्जीवाड़ा करने के लिए ये ट्रिक अपनाते हैं साइबर ठग, इनसे रहें बचके

सीमेंट खरीद से पहले ये सावधानी जरूरी

आइये हम आपको को बताते सीमेंट खरीदने से पहले किन-किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। पहले आपकों सीमेंट की थैली पर लिखी मैन्युफैक्चरिंग डेट को चेक करना जरूरी होता है। ये डेट सीमेंट की थैली के एक साइड में लिखी होती है। इस डेट में सिर्फ साल और सप्ताह लिखा होता है। सीमेंट के निर्माण की तिथि देखने से ही आप उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगा सकते हैं।