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Lucknow एयरपोर्ट पर 18 करोड़ की हाइड्रोपोनिक वीड बरामद, बैंकॉक से आए दो गिरफ्तार

Lucknow एयरपोर्ट पर डीआरआई टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए दो यात्रियों के पास से लगभग 18 करोड़ रुपये की हाइड्रोपोनिक वीड बरामद कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Mar 01, 2026

बड़ी ड्रग्स बरामदगी, बैंकॉक फ्लाइट से हाइड्रोपोनिक वीड पकड़ी  (Source: Police Media Cell)

बड़ी ड्रग्स बरामदगी, बैंकॉक फ्लाइट से हाइड्रोपोनिक वीड पकड़ी  (Source: Police Media Cell)

Lucknow  के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की टीम ने लगभग 18 करोड़ रुपये मूल्य की हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की है। यह प्रतिबंधित मादक पदार्थ बैंकॉक से आए दो यात्रियों के पास से बरामद किया गया। कार्रवाई के बाद एक महिला और एक पुरुष यात्री को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

खुफिया सूचना पर हुई कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, डीआरआई को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से संबंधित एक महत्वपूर्ण खुफिया सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर बैंकॉक से लखनऊ पहुंची फ्लाइट के यात्रियों की विशेष निगरानी की जा रही थी। जैसे ही संदिग्ध यात्रियों ने एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद कस्टम जांच क्षेत्र में प्रवेश किया, डीआरआई अधिकारियों ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू की। शुरुआती जांच में यात्रियों के व्यवहार पर संदेह होने के बाद उनके सामान की गहन तलाशी ली गई।

पॉलिथीन पैकेट में छिपाई गई थी खेप

तलाशी के दौरान अधिकारियों को यात्रियों के बैग में कई पॉलिथीन पैकेट मिले। इन पैकेटों को बेहद सावधानी से छिपाया गया था ताकि सामान्य जांच में पकड़ा न जा सके। जब पैकेट खोले गए तो उनमें उच्च गुणवत्ता वाली हाइड्रोपोनिक वीड पाई गई। अधिकारियों के अनुसार, यह ड्रग्स आधुनिक हाइड्रोपोनिक तकनीक से तैयार की गई थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बेहद अधिक होती है। बरामद मादक पदार्थ का कुल मूल्य लगभग ₹18 करोड़ आंका गया है।

क्या है हाइड्रोपोनिक वीड

हाइड्रोपोनिक वीड सामान्य गांजे से अलग होती है। इसे मिट्टी के बजाय नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है, जहां पौधों को विशेष पोषक तत्व और कृत्रिम रोशनी दी जाती है। इस तकनीक से तैयार ड्रग्स की गुणवत्ता और नशीला प्रभाव अधिक होता है, जिसके कारण इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग रहती है। भारत में इस प्रकार के मादक पदार्थ की तस्करी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।

महिला और पुरुष यात्री गिरफ्तार

डीआरआई टीम ने दोनों यात्रियों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की जांच शुरू

जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। डीआरआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि खेप किसे सौंपनी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच की  प्रमुख बातें जैसे कि ड्रग्स की सप्लाई चेन,भारत में रिसीवर नेटवर्क,विदेशी संपर्क,पूर्व यात्राओं का रिकॉर्ड, अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से तस्करी गिरोह के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

घटना के बाद लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों की जांच और सख्त कर दी गई है। सूत्रों का  कहना है कि हाल के वर्षों में सिंथेटिक और हाई-वैल्यू ड्रग्स की तस्करी के नए तरीके सामने आ रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए तकनीकी निगरानी और खुफिया तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

नशा तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान

डीआरआई अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। युवाओं को नशे से बचाने और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को तोड़ने के लिए एजेंसियां समन्वय के साथ कार्रवाई कर रही हैं। लखनऊ एयरपोर्ट पर हुई यह बड़ी बरामदगी न केवल सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि उत्तर भारत में ड्रग तस्करी के प्रयासों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।