21 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

epaper_icon

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

कौन हैं IAS रिंकू सिंह, क्यों की आधी सैलरी की डिमांड! मंत्री-विधायक से लेकर लेटर में DM का भी किया जिक्र

Rinku Singh Rahi Letter: IAS रिंकू सिंह राही ने यूपी सरकार को लिखे पत्र में आधी सैलरी की मांग की। लेटर में DM, मंत्री, विधायक, तबादले और फील्ड पोस्टिंग को लेकर कई बड़े दावे किए।
3 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Dimple Yadav

Jul 20, 2026

IAS Rinku Singh News Rinku Singh Rahi Letter UP IAS News

रिंकू सिंह राही का पत्र चर्चा का विषय बन गया है

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उनका एक ऐसा पत्र है जिसने पूरे सरकारी महकमे में चर्चा छेड़ दी है। राही ने सरकार को लिखे पांच पन्नों के पत्र में कहा है कि अगर उन्हें पूरे दिन का काम नहीं मिल रहा, तो उन्हें पूरी नहीं बल्कि आधी सैलरी ही दी जाए। साथ ही उन्होंने फील्ड पोस्टिंग की मांग करते हुए कई प्रशासनिक मुद्दों का भी जिक्र किया है।

आखिर कौन हैं IAS रिंकू सिंह राही?

रिंकू सिंह राही 2022 बैच के IAS अधिकारी हैं। इससे पहले वे पीसीएस अधिकारी रहे हैं। ईमानदार और सख्त प्रशासनिक छवि के लिए उनकी पहचान रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर रहने के कारण वह कई बार चर्चा में भी रह चुके हैं। हाल के दिनों में उनकी तैनाती जालौन में एसडीएम के रूप में रही, जहां कई विवादित मामलों की जांच के बाद उनका तबादला कर उन्हें एसडीएम (न्यायिक) बनाया गया।

क्यों मांगी आधी सैलरी?

अपने पत्र में रिंकू सिंह राही ने लिखा कि वर्तमान में एसडीएम (न्यायिक) के पद पर उन्हें रोजाना करीब चार घंटे का ही काम मिलता है। उनका कहना है कि जब उनकी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं हो रहा, तो पूरी तनख्वाह लेना उचित नहीं होगा। इसलिए जब तक उन्हें फील्ड पोस्टिंग नहीं मिलती, तब तक उन्हें आधा वेतन ही दिया जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि उन्हें जालौन की किसी दूसरी तहसील, उत्तर प्रदेश के किसी अन्य जिले या जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्य में भी काम करने का मौका दिया जाए।

पत्र में DM, विधायक और मंत्री का भी जिक्र

रिंकू सिंह राही ने अपने पत्र में दावा किया कि जालौन में एक बैठक के दौरान भाजपा विधायक गौरी शंकर वर्मा की मौजूदगी में जिला अधिकारी (DM) ने कथित तौर पर अवैध कब्जों से जुड़े मामलों में कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए थे। हालांकि उन्होंने लिखा कि शिकायत मिलने पर उन्होंने नियमों के तहत जांच जारी रखी।

पत्र में उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में सरकारी अधिकारियों की रिपोर्ट और शिकायतकर्ताओं के सबूतों में अंतर मिला। इसके बाद उन्होंने तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि एक जांच के दौरान कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के नाम का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई। यह पूरा विवरण उनके पत्र में दर्ज दावों पर आधारित है और इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

तबादले पर भी उठाए सवाल

राही का कहना है कि पूरे मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट आने से पहले ही उनका तबादला कर दिया गया। उनका मानना है कि यदि उनके खिलाफ कोई आरोप हैं तो निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए, लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो उन्हें दोबारा फील्ड पोस्टिंग दी जाए।

जनता की शिकायतों के निस्तारण पर भी टिप्पणी

अपने पत्र में उन्होंने यह भी लिखा कि कई मामलों में जनता दर्शन में आने वाली शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण किया जाता था। उनका दावा है कि उन्होंने शिकायतकर्ताओं के साक्ष्यों, विभागीय रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध तथ्यों का मिलान कर निष्पक्ष जांच कराने की कोशिश की।

अब सबकी नजर सरकार के फैसले पर

रिंकू सिंह राही के इस पत्र के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आधी सैलरी की मांग जितनी असामान्य है, उतने ही गंभीर उनके पत्र में दर्ज अन्य दावे भी हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार उनके अनुरोध और आरोपों पर क्या फैसला लेती है। फिलहाल, उनके पत्र में किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि या जांच के नतीजे सामने आना बाकी हैं।