
यूपी की जेलों में छापेमारी, बैरक में मिले सिम कार्ड और चाकू, देखें वीडियो
लखनऊ. माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या के बाद प्रदेश की जेलों को सुरक्षा-व्यवस्था और पुख्ता कर दी गई है। पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह के नेृतत्व में बनाई गई जेल सुधार समिति उत्तर प्रदेश की जेलों का निरीक्षण कर रही है और कैदियों को मिलीं सुविधाओं और जेलों के कामकाज के तौर-तरीकों का अध्ययन कर रही है। इस क्रम में पहले उन जेलों का निरीक्षण किया जा रहा है, जिनमें कुख्यात अपराधी बंद हैं। गुरुवार को देवरिया जेल में बंद बाहुबली अतीक अहमद की बैरक की भी तलाशी ली गई, जिसमें 2 सिम और 4 पेन ड्राइव बरामद हुई हैं। जेल की अन्य बैरकों से 1 मोबाइल फोन और सब्जी काटने वाले चाकू बरामद किए गए हैं। प्रतिबंधित सामान पाये जाने के बाद जिलाधिकारी ने जेल अधीक्षक को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। उधर ललितपुर जेल में एक कैदी को 20 लाख की सुपारी लेकर जहर देकर मारने की साजिश का खुलासा हुआ है। इससे जेल महकमे में हड़कंप मच गया है।
ललितपुर जिला कारागार में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक कैदी उल्टियां करता हुआ बेहोशी की हालत में बैरक से बाहर आ गिरा। जेल प्रशासन ने तत्काल उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। होश में आते ही मध्य प्रदेश के ग्वालियर के शातिर अपराधी योगी उर्फ चंद्रभान ने अपने बंदी साथियों पर चाय में जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया। कैदी ने कहा कि तीन खूंखार अपराधियों और उनके साथियों ने जेल में आतंक फैला रखा है। वह कैदियों से रंगदारी वसूलते हैं और मारपीट करते हैं। इन्हीं लोगों ने 20 लाख रुपये में मेरे कत्ल की सुपारी लेकर मारने की कोशिश की। कैदी के बयान के बाद जेल प्रशासन एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। फिलहाल जेल के किसी भी जेल अधिकारी ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया है।
फतेहगढ़ जेल पर भी उठे सवाल
बीते दिनों फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद आजीवन सजा पाये एक कैदी की मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाया था। जेल प्रशासन ने मौत की वजह बीमारी बताया। मृतक के परिजनों ने कहा कि जब उसकी तबियत खराब थी तो घरवालों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। सीधे मौत की सूचना दी। उधर सेंट्रल जेल में बंद कैदियों से बाहर से नए नए सिम बदल बदल कर बात कराये जाने की खबर पर एसपी अतुल शर्मा के आदेश पर सर्विलांस के सतेंद्र व राजेश मिश्रा अपनी टीम के साथ सेंट्रल जेल पहुंचकर जेल में चल रहे सरकारी फोनों को सर्विलांस पर लगा दिया, जिससे आने वाले फोनों के नए नम्बरों को पता किया जा सके।
हर जेल का होगा निरीक्षण
जेल सुधार समिति लखनऊ जेल का निरीक्षण कर चुकी है और जल्द ही उन जेलों का भी निरीक्षण करेगी, जिनमें बड़े अपराधी या नामचीन अपराधी बंद हैं। इसमें फतेहगढ़, बागपत, बांदा, हमीरपुर, डासना, सीतापुर, पीलीभीत, देवरिया और वाराणसी जेल शामिल हैं। जेल सुधार समिति दूसरे राज्यों का दौरा कर वहां की सुविधाओं और तरीकों का अध्ययन करेगी। समिति के अध्यक्ष सुलखान सिंह ने बताया कि दो महीनों में समिति जेल के ढांचे, कैदियों से मुलाकात के तौर-तरीके, रिकॉर्ड के रख-रखाव, सीसीटीवी, जैमर समेत अन्य चीजों के बारे में रिपोर्ट देगी।
बांदा जेल में त्रिस्तरीय सुरक्षा पहरा
बांदा जेल की सुरक्षा व्यवस्था भी और बढ़ा दी गई है। यहां पूर्वांचल का बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी बंद है। विधायक की बैरक पर जहां त्रिस्तरीय सुरक्षा पहरा लगा दिया गया है, वहीं सीसीटीवी से पूरी नजर रखी जा रही है। डिप्टी जेलर तारकेश्वर सिंह ने बताया कि बैरकों की लगातार सघन तलाशी ली जा रही है। जेल पुलिस पूरी तरह चौकन्नी है। अपर एसपी बांदा ने बताया कि जेल की बाहरी सुरक्षा भी चाक-चौबंद की गई है, जेल के मुख्य द्वार पर पुलिस के अलावा पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं।
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Updated on:
20 Jul 2018 01:09 pm
Published on:
19 Jul 2018 06:25 pm
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