
राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी ने आजम खान की विधानसभा सदस्यता रद्द किए जाने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा और विपक्ष के विधायकों के साथ अलग-अलग बर्ताव हो रहा है।
हेट स्पीच के एक केस में तीन साल की सजा होने के बाद आजम खान की विधानसभा की सदस्यता को रद्द कर दिया गया है। आजम खान समाजवादी पार्टी के टिकट पर रामपुर से विधायक चुने गए थे। इस कार्रवाई पर जयंत चौधरी ने सवाल उठाया है।
सजा पाए भाजपा विधायक पर कार्रवाई क्यों नहीं: जयंत
राज्यसभा सांसद जयंत चौधरी ने एक ट्वीट में लिखा है कि हाल ही में मुजफ्फरनगर दंगा मामला में भाजपा के खतौली विधायक को दो साल की सजा हुई है। इसके बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
जयंत ने सवाल किया है कि अगर दो साल की सजा होने पर सदस्यता जाने का कानून है तो ये सिर्फ आजम खान पर ही कैसे लागू है। भाजपा के विक्रम सैनी क्यों दो साल की सजा होने के बाद भी विधायक बने हुए हैं।
अखिलेश हैं चुप
आजम खान की सदस्यता जाने को लेकर जिस स्पष्टता के साथ जयंत चौधरी ने सवाल खड़ा किया है, वैसा सपा की ओर से अभी नहीं हुआ है। समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव ने अपने सीनियर नेता आजम खान को लेकर कोई बयान अभी नहीं दिया है।
क्या है पूरा मामला
आजम खान पर 2019 के लोकसभा चुनाव में नफरती भाषण देने का मामला दर्ज हुआ था। इसमें कोर्ट ने उनको दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। सजा के ऐलान के बादॉ शुक्रवार को उनकी सदस्यता निरस्त कर दी गई है। उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने रामपुर विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया।
Updated on:
29 Oct 2022 12:07 pm
Published on:
29 Oct 2022 11:49 am
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