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UP Election 2027: जदयू ने 2027 चुनाव की तैयारी तेज की, संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान पर मंथन शुरू

UP Politics: लखनऊ में जदयू की अहम बैठक से पहले बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर व्यापक चर्चा होगी।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jul 18, 2026

लखनऊ में जदयू की बैठक, मंत्री श्रवण कुमार बोले- संगठन विस्तार और 2027 चुनाव रणनीति पर मंथन (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

लखनऊ में जदयू की बैठक, मंत्री श्रवण कुमार बोले- संगठन विस्तार और 2027 चुनाव रणनीति पर मंथन (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

UP Election 2027:उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में जनता दल (यूनाइटेड) भी संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। लखनऊ में आयोजित पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक से पहले बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल समय-समय पर अपने संगठन को मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान चलाता है और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखता है। उन्होंने बताया कि पार्टी की यह बैठक संगठन की समीक्षा, सदस्यता अभियान की प्रगति और आगामी चुनावों की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

श्रवण कुमार ने कहा कि बैठक में प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के साथ विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक संगठन का विस्तार कितनी दूर तक पहुंचा है, किन क्षेत्रों में मजबूती आई है और कहां अभी और काम करने की आवश्यकता है, इन सभी विषयों पर गंभीर मंथन होगा।

संगठन को मजबूत करने पर रहेगा विशेष जोर

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत संगठन होता है। यदि संगठन गांव, कस्बे और शहर तक सक्रिय रहेगा तो पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सदस्यता अभियान का उद्देश्य केवल नए सदस्यों को जोड़ना नहीं है, बल्कि ऐसे कार्यकर्ताओं को तैयार करना भी है जो पार्टी की विचारधारा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचा सकें। इसी कारण संगठन विस्तार को पार्टी प्राथमिकता दे रही है।

सदस्यता अभियान की होगी समीक्षा

बैठक में सदस्यता अभियान की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की जाएगी। श्रवण कुमार ने कहा कि यह देखा जाएगा कि किन जिलों में अभियान सफल रहा है और किन क्षेत्रों में संगठन को और सक्रिय बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला अध्यक्ष और पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। संगठन की मजबूती के लिए जमीनी स्तर पर लगातार संपर्क अभियान चलाने पर भी जोर दिया जाएगा।

2027 विधानसभा चुनाव पर भी होगा मंथन

श्रवण कुमार ने अपने बयान में आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी अभी से तैयारी कर रही है। बैठक में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से यह भी राय ली जाएगी कि जनता किन मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है और चुनावी रणनीति किस प्रकार बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव केवल राजनीतिक समीकरणों से नहीं जीते जाते, बल्कि जनता के बीच निरंतर संवाद और मजबूत संगठन भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी सोच के साथ पार्टी सभी स्तरों पर कार्यकर्ताओं की राय लेकर आगे बढ़ना चाहती है।

जमीनी कार्यकर्ताओं की राय को मिलेगा महत्व

मंत्री ने कहा कि पार्टी की रणनीति केवल शीर्ष नेतृत्व तक सीमित नहीं रहेगी। जिला अध्यक्षों, मंडल स्तर के पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के सुझावों को भी समान महत्व दिया जाएगा। उनका कहना था कि स्थानीय कार्यकर्ता अपने क्षेत्र की परिस्थितियों और जनता की अपेक्षाओं को बेहतर तरीके से समझते हैं। इसलिए उनकी राय के आधार पर संगठनात्मक और राजनीतिक निर्णय अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

आगे की रणनीति पर बनेगी रूपरेखा

श्रवण कुमार ने कहा कि बैठक के दौरान प्राप्त सुझावों और संगठन की समीक्षा के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल चुनावी तैयारी करना नहीं, बल्कि संगठन को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाना भी है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में सदस्यता अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रम और संगठनात्मक बैठकों को और गति दी जाएगी, ताकि पार्टी की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक हो सके।

राजनीतिक दलों ने बढ़ाई सक्रियता

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी लगभग एक वर्ष दूर हैं, लेकिन राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। विभिन्न दल अपने संगठन को मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और जनता के बीच अपनी मौजूदगी बढ़ाने में जुटे हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषक अरविंद कांत उपाध्याय  का मानना है कि चुनाव से काफी पहले संगठनात्मक तैयारियां शुरू करना किसी भी दल के लिए महत्वपूर्ण होता है। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता है और चुनावी अभियान के समय पार्टी अधिक संगठित दिखाई देती है।

संगठन और जनसंपर्क पर रहेगा फोकस

राजनीतिक सूत्रों  के अनुसार, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में मजबूत संगठन चुनावी सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी माना जाता है। गांव से लेकर शहर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं का नेटवर्क किसी भी दल को चुनाव के दौरान मजबूती प्रदान करता है। इसी कारण अधिकांश राजनीतिक दल सदस्यता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और संगठन विस्तार पर लगातार ध्यान दे रहे हैं। जदयू की यह बैठक भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

आगामी बैठकों पर टिकी रहेंगी निगाहें

लखनऊ में आयोजित इस बैठक के बाद पार्टी की आगामी रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। संगठन की समीक्षा, सदस्यता अभियान की प्रगति और कार्यकर्ताओं के सुझावों के आधार पर तैयार होने वाली कार्ययोजना भविष्य की राजनीतिक गतिविधियों की दिशा तय कर सकती है।