
अगर अपने बच्चों पर इस्तेमाल करते हैं जॉनसन एंड जॉनसन के प्रोडक्स, तो हो सकता है कैंसर
लखनऊ. मशहूर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी शैंपू पर यूपी में भी रोक लगा दी गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण (एफएसडीए) की टीम ने कंपनी के लखनऊ स्थित सेंट्रल स्टोर में छापा मारकर कंपनी के उत्पादों के सात और नमूने लिए हैं। बृहस्पतिवार से पूरे प्रदेश में कंपनी के उत्पादों की जांच की जाएगी। एफएसडीए के औषधि नियंत्रक एके जैन के अनुसार जयपुर में बैच नंबर बीबी-58204 के बेबी शैंपू के नमूने में फॉर्मेल्डिहाइड पाया गया था। यह प्रोडक्ट लखनऊ से जयपुर ट्रांसफर किये गये थे। लखनऊ स्टोर में पड़ताल के दौरान पता चला कि बीबी-58204 बैच के 100 मिलीलीटर के शैंपू के 16,704 पैक बलरामपुर, कानपुर, आजमगढ़, वाराणसी, बाराबंकी, फैजाबाद, प्रयागराज सहित पूरे यूपी में सप्लाई किए गए हैं। इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। टीम ने सेंट्रल स्टोर से शैंपू, बेबी ऑयल, मसाज ऑयल, मॉश्चराइजर, फेस क्रीम समेत सात नमूने लिए हैं। ये नमूने बड़े एवं छोटे पैक दोनों के लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एफएसडीए के औषधि नियंत्रक एके जैन ने बताया कि, 29 अप्रैल को ही प्रदेश में जॉनसन एंड जॉनसन के उत्पाद की बिक्री पर रोक के आदेश जारी किए गए थे। 7 मई को बिक्री पर प्रतिबंध लगाने और विशेष बैच के उत्पादों को वापस लेने के लिए कंपनी से कहा गया था। सभी जिलों के डीएम को भी इस बारे में पत्र लिखा जा रहा है।
क्या है फार्मेल्डिहाइड
एफएसडीए के सहायक आयुक्त रमाशंकर के मुताबिक फार्मेल्डिहाइड कार्बन यौगिक है। इससे त्वचा, स्वांस संबंधी बीमारियों के साथ ही कैंसर भी होने का खतरा रहता है। इसका प्रयोग खाद्य सामग्री और शरीर पर प्रयोग होने वाले उत्पादों में प्रतिबंधित किया गया है। शैंपू या तेल में इसके मिले होने से पसीना नहीं निकल पाता है। यह रोम छिद्रों को बंद करने के साथ ही त्वचा एवं आंतरिक कोशिकाएं को भी प्रभावित करता है।
राजस्थान में भी हुई कार्रवाई
राजस्थान में एक बाजार से जॉनसन एंड जॉनसन बेबी शैम्पू एवं टेलकम पाउडर में एस्बेस्टस और कैंसरकारी तत्व मिले है। एस्बेस्टस एक बहुत ही खतरनाक पदार्थ है। फेफड़ों की घटक बिमारी जैसे अस्बेस्तोसिस, फेफड़े का कैंसर तथा ओवेरियन कैंसर को हो सकता है। यह बेबी पाउडर के प्रयोग से न सिर्फ बच्चे बल्कि मां को बिमारियों का सामना करना पड़ता है।
Published on:
09 May 2019 08:32 am
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