
JPNIC Controversy: आज यानी 11 अक्टूबर को भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता जय प्रकाश नारायण की जयंती है। इस अवसर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर अपने आवास के बाहर माल्यार्पण किया। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रशासन ने माल्यार्पण से पहले सपा प्रमुख के घर के बाहर बैरिकेडिंग कर दी थी। माल्यार्पण के बाद अखिलेश यादव ने नीतीश कुमार और भाजपा के रिश्तों का जिक्र किया। आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा…
माल्यार्पण के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया के सामने कहा, "बहुत से समाजवादी लोग सरकार में हैं जो सरकार को चला रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जय प्रकाश नारायण के आंदोलन से निकले हैं। यह नीतीश कुमार के लिए उस सरकार से समर्थन वापस लेने का मौका है जो समाजवादियों को जय प्रकाश नारायण की जयंती पर श्रद्धांजलि देने की अनुमति नहीं दे रही है।"
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगे कहा, "भाजपा ने हर अच्छा काम रोका है। आज हम लोग सड़क पर खड़े होकर अगर जयप्रकाश नारायण को याद भी कर रहे हैं तो ये सरकार हमें रोकना चाहती है कि हम माल्यार्पण न करें लेकिन हम लोगों ने यहां सड़क पर ही माल्यार्पण कर दिया। जयप्रकाश नारायण के नाम पर जो इमारत बनाई गई है, उसे इसलिए ढका गया है क्योंकि उसके पीछे साजिश है। साजिश ये है कि वे उसे बेचना चाहते हैं। ऐसी सरकार जो म्यूजियम बेच रही हो उससे क्या उम्मीद की जा सकती है। समाजवादी पार्टी के लोग हर साल उनकी जयंती मनाते रहे हैं और उसी तरह से मनाते रहेंगे। यह सरकार गूंगी-बहरी तो है ही लेकिन आज कल इसे दिखाई भी नहीं दे रहा है। सही मायने में यह एक विनाशकारी सरकार है।"
बिहार के मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल और जनता दल (यूनाइटेड) के पेज से जयप्रकाश नारायण की जयंती पर पोस्ट कर लिखा गया है, “लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर सादर नमन।” हालांकि, अखिलेश यादव की भाजपा से अलग होने वाली अपील पर अभी तक नीतीश कुमार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
Updated on:
11 Oct 2024 12:54 pm
Published on:
11 Oct 2024 12:54 pm
