
डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना (फाइल फोटो)
Ram Mandir Donation Dispute Row Ayodhya:उत्तर प्रदेशके उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े पूरे मामले की सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट दोनों स्तरों पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर रहे हैं। ऐसे में तथ्यों को नजरअंदाज कर भ्रम फैलाना केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े प्रकरण की जांच लगातार जारी है। सरकार और ट्रस्ट किसी भी तथ्य को छिपाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में पारदर्शिता बरती जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वह तथ्यों से परे जाकर भ्रामक और मनगढ़ंत बयान देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति करने के बजाय सत्य, जवाबदेही और तथ्यों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, '' 'समाजवादी पार्टी के राज में राम भक्तों पर गोलियां चली थी, अखिलेश यादव राम मंदिर पर भ्रम फैलाना बंद करें।''
केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भगवान श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की सरकार और ट्रस्ट दोनों तरफ से लगातार जांच की जा रही है। कुछ भी छिपाया नहीं जा रहा है। इसके बावजूद सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपनी राजनीतिक मंशा के तहत लगातार भ्रामक और मनगढ़ंत बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम के नाम पर राजनीति नहीं, बल्कि ईमानदारी और जवाबदेही की आवश्यकता है।
केशव मौर्य ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी के शासनकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान निहत्थे रामभक्तों पर गोली चलाई गई थी। ऐसे में सपा नेतृत्व को अपने अतीत को भी याद रखना चाहिए, न कि राम मंदिर जैसे आस्था के विषय पर राजनीतिक बयानबाजी करनी चाहिए।
इससे पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी के मामले को लेकर भाजपा सरकार और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि यह मामला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है और इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हुई है।
अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर एक एआई-निर्मित वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो के साथ उन्होंने "क्या फिर से चले गए वनवास?" लिखते हुए सरकार और मंदिर प्रबंधन पर सवाल खड़े किए थे। उनके इस पोस्ट के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच लगातार जुबानी जंग देखने को मिल रही है। एक ओर सरकार निष्पक्ष जांच का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष इस पूरे मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति और तेज होने के आसार हैं।
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Updated on:
05 Jul 2026 11:28 am
Published on:
05 Jul 2026 11:03 am
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