
आधार कार्ड (Aadhaar Card) भारतीय नागरिक के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है। आज सरकारी या गैर सरकारी काम आधार कार्ड के बिना नहीं हो सकता। स्कूल में बच्चे के प्रवेश, बैंक में खाता खुलवाना, बैंक से लेनदेन और आरटीआर के आधार बहुत आवश्यक हो गया है। क्योंकि इसमें आपका डेमोग्राफिक और साथ ही बायोमेट्रिक डेटा शामिल होता है। खैर ये तो हो गई बात 18 प्लस वालों की। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बच्चों के लिए भी आधार कार्ड होता है। बच्चों के आधार कार्ड को बाल आधार (Baal Aadhaar) कहा जाता है लेकिन बच्चों का आधार बड़ों के आधार से अलग होता है।
बच्चों का बनता है नीला आधार कार्ड
दरअसल, आधार कार्ड की बढ़ती उपयोगिता के कारण अब आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था UIDAI ने बच्चों का भी आधार कार्ड बनवाने की सुविधा शुरू कर दी है। अब जन्म लिए बच्चे से लेकर 5 साल तक के बच्चों का नीला आधार कार्ड बनता है। आजकल बच्चे के नर्सरी एडमिशन के लिए भी कई स्कूल आधार कार्ड की मांग करते हैं। ऐसे में बच्चे जन्म के बाद आधार कार्ड बनवाना बहुत जरूरी है। लेकिन, बच्चों का नीला आधार कार्ड बनवाते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इससे बाद में आपको बाद में तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। तो चलिए जानते हैं कि बाल आधार कार्ड बनवाते वक्त किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है।
बाल आधार कार्ड में नहीं होती बायोमेट्रिक
आपको बता दें कि बच्चों के लिए UIDAI की तरफ से जारी आधार कार्ड में बच्चों की बायोमेट्रिक नहीं कराई जाती है। इस तरह के कार्ड में बच्चे का नाम, पिता का नाम, डेट ऑफ बर्थ, एड्रेस और फोटो की जानकारी दर्ज की जाती है। इसके बाद बच्चे के आधार कार्ड को माता पिता के आधार कार्ड से लिंक कर दिया जाता है। अगर आप चाहें तो पांच साल की उम्र के बाद बच्चे के आधार कार्ड को अपडेट भी करा सकते हैं। इसे अपडेट करते वक्त बच्चे के आंखों के रेटिना स्कैन की जानकारी हाथों के फिंगरप्रिंट की जानकारी अपडेट नहीं कराने की स्थिति में इस आधार कार्ड इनएक्टिव कर दिया जाता है।
ध्यान देने योग्य जरूरी बात
गौरतलब है कि पांच साल से लेकर 15 साल तक के बच्चों की बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क देने की जरूरत नहीं है। आप अपने घर के पास किसी भी नजदीकी आधार केंद्र में जाकर जानकारी अपडेट करवा सकते हैं। आधार केंद्र सप्ताह के 7 दिन खुले रहते हैं। जानकारी अपडेट करने के लिए आप बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का आईडी कार्ड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
Updated on:
03 May 2022 04:14 pm
Published on:
03 May 2022 04:11 pm
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