
उन्नाव दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे विधायक कुलदीप सिंह की जमानत पर हाईकोर्ट ने संशोधन कर दिया है। कुलदीप सिंह अब केवल सिर्फ शादी और तिलक के कार्यक्रम के दिन ही घर पर रहेंगे। उसके बाद उन्हें जेल में आत्मसमर्पण करना होगा।
हाईकोर्ट ने यह आदेश पीड़िता के याचिका पर सुनवाई करते हुआ संशोधन किया है। दरअसल कुछ दिन पहले कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को 15 दिनों की अंतरिम जमनात दी थी। सेंगर ने कोर्ट को बताया था कि उनकी बेटी की शादी है। इसलिए जमानत मिली थी।
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पीड़िता ने अंतरिम जमानत के खिलाफ कोर्ट में दायर की थी याचिका
कुलदीप सिंह सेंगर की अंतरिम जमानत के विरोध में पीड़िता ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। पीड़िता ने कोर्ट से कहा था कि अगर कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत दी जाती है तो उन्हें और गवाहों को खतरा होगा। वहां के सभी सरकारी अधिकारी उनके हैं। मैं उसे रिहा ना करने का अनुरोध करती हूं।
इसके आगे पीड़िता ने कोर्ट से कहा कि अगर वह रिहा होता है तो मुझे मरवा देगा। वहीं, सीबीआई ने सेंगर की बेटी की शादी की खबरों के तथ्य की जांच की थी और एक रिपोर्ट अदालत में पेश करते हुए बताया कि वह पुनर्विचार कर सकती है और अपने अंतरिम जमानत के आदेश को वापस ले सकती है।
15 दिनों की मिली थी अंतरिम जमानत
पीड़िता की इस याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस मुक्ता गुप्ता और पूनम ए बंबा की पीठ ने फैसले में संशोधन कर दिया। 16 जनवरी को कोर्ट ने सेंगर को उसकी बेटी की शादी के कारण 27 जनवरी से 10 फरवरी तक अंतरिम जमानत दी थी। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि राजनेता 30 जनवरी को तिलक समारोह में शामिल होने के बाद खुद को 1 फरवरी को जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करेंगे।
इस आदेश में आगे लिखा है कि 8 फरवरी को होने वाली शादी के लिए सेंगर को 6 फरवरी को फिर से जेल से रिहा किया जाएगा और 10 फरवरी को आत्मसमर्पण करेगा।
Updated on:
27 Jan 2023 09:55 pm
Published on:
27 Jan 2023 09:53 pm
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