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सिचाई विभाग की बड़ी चूक, इंद्रा एक्वाडक्ट में लीकेज 16 जिलों में हो सकती है पानी की किल्लत

इंदिरा नहर में जियो ट्यूब के जरिये बालू का एक बांध बनाने की तैयारी शुरू हो गई है, ताकि बांध तक पानी आने से रोका जा सके।

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लखनऊ

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Dikshant Sharma

Jan 17, 2018

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लखनऊ. राजधानी के इंदिरा डैम में दरार होने की सूचना के बाद लखीमपुर से शुरू हुई शारदा नहर का पानी रोक दिया गया है। इससे 16 जिले प्रभावित होंगे। पांच दिन पहले दरार से शुरू हुआ पानी का रिसाव अभी भी जारी है। अब तक लाखों गैलन पानी बह चुका है। सिंचाई विभाग के अधिकारी सैकड़ों मजदूरों के साथ एक्वाडक्ट में दरार की मरम्मत कर रहे हैं, लेकिन पानी का रिसाव बंद नहीं हो सका है। फिलहाल पंप के सहारे लीकेज वाले पॉइंट को खाली किया जा रहा है। इंदिरा नहर में जियो ट्यूब के जरिये बालू का एक बांध बनाने की तैयारी शुरू हो गई है, ताकि बांध तक पानी आने से रोका जा सके। सूत्रों की माने तो एक्वाडक्ट की मरम्मत के लिये अब मुंबई से विशेषज्ञ इंजीनियर बुलाये गये हैं।

रबर सील ख़राब होने की आशंका

सिचाई विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल अभी कुछ साफ़ नहीं है कि लीकेज क्यों हो रहा है। कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालाँकि प्रथमदृष्टि में रबर सील ख़राब होने की बात सामने आ रही है। फिलहाल पंप लगा कर पानी खाली कराया जा रहा है। देर शाम या कल सुबह ही स्थिति साफ़ हो सकेगी। कैनाल में बने गेट को जोड़ने के लिए रबर सील का इस्तेमाल किया जाता है।

हफ्ते भर तक का लग सकता है समय

पानी को खाली करने में कई घंटे लग सकते हैं। 7 मीटर से अधिक घेहरे इस कैनाल को वाटर पम्प के सहारे खाली कराया जा रहा है। फिलहाल पानी तीन मीटर की लेवल पर है। इससे कठौता और भरवारा झील में पानी की कमी आ सकती है। लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, वाराणसी और जौनपुर जिले में पानी की सप्लाई बिल्कुल बंद कर दी गई है। इसके अलावा शारदा सहायक नदी में जो पानी आ भी रहा है, उसे दरियाबाद से बाराबंकी की तरफ मोड़ दिया गया है। इससे लखनऊ समेत कई जिलों में पानी की किल्लत आ सकती है।

पांच दिन पहले शुरू हुआ था लीकेज
स्थानियों ने बताया कि कैनाल में लीकेज पांच दिन पहले ही शुरू हो गया था। गोताखोरों की मदद भी ली गयी। सिंचाई विभाग ने आनन-फानन एक्वाडक्ट में मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया। लेकिन अधिकारियों ने इसे दबाये रखा और किसी को कानों-कान खबर नहीं होने दी।

पानी की किल्लत से जूझेंगे ये शहर
लखीमपुर, सीतापुर, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, वाराणसी, जौनपुर, बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, टांडा, आजमगढ़, सुलतानपुर और अमेठी।